हनुमान टेकरी मंदिर में नहीं बदलेंगी वर्षों पुरानी शिव प्रतिमाएं, जनभावनाओं के आगे झुका ट्रस्ट नए शिवालय में होगी नई मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा, दुष्प्रचार करने वालों को दी एफआईआर और मानमानी की धमकी

गुना । अंचल की अगाध आस्था के केंद्र ऐतिहासिक श्री हनुमान टेकरी मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन शिवालय की मूर्तियों को विस्थापित करने के मामले में आखिरकार मंदिर ट्रस्ट को पीछे हटना पड़ा है। पिछले तीन दिनों से शहर में जारी भारी गतिरोध और जनआक्रोश को देखते हुए रविवार को टेकरी मंदिर प्रबंधन समिति ने एक पत्रकार वार्ता आयोजित कर बड़ा फैसला सुनाया। ट्रस्ट ने स्पष्ट घोषणा की है कि दशकों पुराने शिवालय और उसमें स्थापित शिव परिवार की प्रतिमाओं के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि, नए मंदिर के लिए आ चुकी मूर्तियों को परिसर में ही एक नया शिवालय बनाकर ससम्मान स्थापित किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मंदिर ट्रस्ट के प्रवक्ता राजेश अग्रवाल ने कहा कि पूर्व में शिव पंचायत की प्रतिमाओं को बदलने की एक योजना जरूर बनाई गई थी, जिसके तहत नई मूर्तियां भी मंगवा ली गई थीं। लेकिन जैसे ही हमें आभास हुआ कि इस निर्णय से आम श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं, ट्रस्ट ने तत्काल कदम पीछे खींच लिए। सनातन धर्म में जनभावनाएं सर्वोपरि हैं, इसलिए प्राचीन शिवालय यथावत अपने मूल स्वरूप में रहेगा। अब जो नई प्रतिमाएं आ चुकी हैं, उनके लिए परिसर में ही अलग से 18 गुणा 18 वर्ग फीट का एक भव्य नया शिवालय निर्मित किया जाएगा, जहाँ उनकी प्राण-प्रतिष्ठा होगी।
इस दौरान मीडिया से रूबरू होते हुए ट्रस्ट के अध्यक्ष नारायण लाल अग्रवाल, सचिव ओ.पी. बरौनिया, सदस्य गुलशन जुनेजा और चिरौंजीलाल प्रजापति ने पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और ज्ञापनों के जरिए ट्रस्ट पर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पिछले दिनों एक संगठन द्वारा ट्रस्टियों के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणियों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए पदाधिकारियों ने तीखे लहजे में कहा कि किसी भी संगठन या व्यक्ति को यह अधिकार नहीं है कि वह वर्षों से निस्वार्थ भाव से मंदिर की सेवा कर रहे गणमान्य नागरिकों को चोर कहे। उंगली उठाने वालों को पहले अपने गिरेबां में झांककर देखना चाहिए। इस दौरान उन्होंने ट्रस्ट के गठन, चुनाव को सही ठहराया और ट्रस्ट को लेकर दुष्प्रचार करने वालों पर शीघ्र ही एफआईआर कराने और कोर्ट में मनमानी का दावा लगाने की बात कही।
ट्रस्ट ने दो टूक शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया पर मंदिर प्रबंधन को बदनाम करने की साजिश रचने वाले लोग असल में गैर-सनातनी मानसिकता के हैं। ये वो तत्व हैं जो इस पवित्र सिद्धपीठ पर अपना अवैध कब्जा जमाना चाहते हैं और इसी नीयत से लगातार झूठी शिकायतें और कानूनी अड़चनें पैदा करने का कुप्रयास कर रहे हैं। इन विघ्नसंतोषियों को टेकरी सरकार के दरबार में हो रहा विकास और श्रद्धालुओं का बढ़ता वैभव रास नहीं आ रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पदाधिकारियों ने आम जनता से मिलने वाली दान राशि का पूरा ब्योरा देते हुए बताया कि हर एक पैसे का उपयोग पूर्ण पारदर्शिता के साथ मंदिर के भव्य निर्माण और जनसुविधाओं को बढ़ाने में किया जा रहा है।
शहर में जोरों पर थी चर्चाएं
उल्लेखनीय है कि प्राचीन टेकरी मंदिर परिसर में शिव परिवार के स्थान परिवर्तन और मूर्तियों को हटाने की सुगबुगाहट को लेकर पिछले कुछ दिनों से समूचे गुना शहर में चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म था। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर हाल ही में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने न सिर्फ जिला कलेक्टर को एक शिकायती पत्र सौंपकर उग्र विरोध दर्ज कराया था, बल्कि टेकरी मंदिर के मौजूदा ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और उसकी वैधानिकता पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े किए थे। इसी चौतरफा दबाव और मचे बवाल के बाद आज ट्रस्ट को आपातकालीन बैठक बुलाकर अपनी सफाई पेश करनी पड़ी।