स्वतंत्रता-संग्राम सेनानी परथी भाई भूरा की जीवन गाथा मध्यप्रदेश पाठ्यक्रमों में शामिल करने हेतु मध्यप्रदेश शासन केबिनेट माननीय मंत्री नागरसिंह चौहान को ज्ञापन सौंपा

। *चन्द्र शेखर आजाद नगर से महेश गणावा की रिपोर्ट*। ग्राम पंचायत रिगोल के मालमसुरी फलिया में महान स्वतंत्रता-संग्राम सेनानी श्री परथी भाई भूरा जी की 114 वीं जन्म जयंती को ‘युवा प्रेरणा दिवस’ के रूप में गौरव और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण, युवा, महिला और जनप्रतिनिधि उपस्थित । इस गौरवशाली आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान जी पधारे, जबकि विशेष अतिथि के रूप में पूर्व विधायक माधौसिंह डावर जनपद अध्यक्ष जगदीश गणावा भाबरा नगरपालिका अध्यक्ष महोदया श्रीमती निर्मला डावर मनीष शुक्ला जी, बरझर मंडल अध्यक्ष श्री लालसिंह चौहान जी उपस्थित रहे। इसके साथ ही रिगोल सरपंच महेश भूरिया बरझर सरपंच हिमसिंह बारिया , बोर कुड़ियां सरपंच विक्रम ढाक बड़ा खुटाजा सरपंच पति श्री रमण लाल चौहान विरसिंह जादव, गोपाल बामनिया, भारत जादव, करण जादव, संजय, पंकज, कमलेश, महेश, अजित, अमरसिंह, मनोज डामोर, बीएल भूरा, जवसिंह चौहान ,वजेसिंह राठौर, संजय बामनिया, कमलेश भूरिया, प्रतापसिंह चौहान,हिमतसिंह यादव, दलसिंह चौहान, नवलसिंह चौहान, रमेश गणावा, जवसिंह रोज ,सहित क्षेत्र के अनेक समाज सेवी और सामाजिक कार्यकर्ता और कर्मचारी,ग्रामीणजन की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम की शुरुआत में परथी भाई भूरा जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और समाजसेवा के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परथी भाई भूरा जी ने आदिवासी समाज को संगठित कर जल, जंगल और जमीन के अधिकारों नशा मुक्त समाज के लिए आवाज उठाई। उन्होंने आजादी के आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने के साथ-साथ आजादी के बाद भी सामाजिक कुरीतियों, अंधविश्वास और विशेषकर नशे के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उनका ‘पिकेंटिंग’ आंदोलन आज भी नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। कार्यक्रम में परथी दादा के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में कैबिनेट मंत्री श्री नागर सिंह चौहान जी को समाजजन ने ज्ञापन सौंपकर मांग की गई कि महान स्वतंत्रता-संग्राम सेनानी परथी भाई भूरा जी की जीवन गाथा को मध्य प्रदेश शासन के पाठ्यक्रम में कक्षा 1ली से कक्षा 8वी तक अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि परथी भाई भूरा जी का जीवन त्याग, सादगी, राष्ट्रसेवा और सामाजिक चेतना का प्रतीक है। यदि उनके जीवन संघर्ष और आदर्शों को स्कूली पाठ्यक्रम में स्थान दिया जाए तो आने वाली पीढ़ियां उनके मूल्यों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकेंगी। मंत्री श्री नागर सिंह चौहान जी ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए कहा कि परथी भाई भूरा जी जैसे महापुरुषों का इतिहास नई पीढ़ी तक पहुंचना आवश्यक है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मांग को शासन स्तर पर गंभीरता से रखा जाएगा।