बिल्डरों की मनमानी से लुट रही जनता की गाढ़ी कमाई, हजारों उपभोक्ता न्याय के लिए भटकने को मजबूर” – प्रदेश अध्यक्ष अरूण तिवारी

भोपाल /मध्यप्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र में बढ़ती अनियमितताओं और बिल्डरों की मनमानी के कारण हजारों उपभोक्ता आर्थिक, मानसिक और सामाजिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उपभोक्ता अधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अरूण तिवारी ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि आम नागरिक अपने जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर घर, फ्लैट या प्लॉट खरीदने का सपना देखता है, लेकिन कई बिल्डर उस सपने को दुःस्वप्न में बदल रहे हैं।अरूण तिवारी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में अनेक बिल्डर आकर्षक विज्ञापनों और बड़े-बड़े वादों के माध्यम से उपभोक्ताओं को निवेश के लिए प्रेरित करते हैं, लेकिन बाद में परियोजनाएं वर्षों तक अधूरी छोड़ दी जाती हैं। कई मामलों में उपभोक्ताओं से पूरी राशि वसूलने के बाद भी समय पर कब्जा नहीं दिया जाता, जबकि कुछ परियोजनाओं में मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई जातीं।उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं की सबसे अधिक शिकायतें निर्माण कार्य में देरी, घटिया निर्माण गुणवत्ता, अवैध अतिरिक्त शुल्क वसूली, पार्किंग विवाद, अधूरी आधारभूत सुविधाएं, नक्शे के विपरीत निर्माण तथा रजिस्ट्री में अनावश्यक विलंब को लेकर प्राप्त हो रही हैं। कई उपभोक्ता वर्षों से अपने ही मकान या फ्लैट का कब्जा पाने के लिए सरकारी कार्यालयों और न्यायिक मंचों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ बिल्डर क्लब हाउस, गार्डन, सुरक्षा व्यवस्था, चौड़ी सड़कें एवं अन्य आधुनिक सुविधाओं का वादा करते हैं, लेकिन वास्तविकता में उपभोक्ताओं को इनमें से अधिकांश सुविधाएं नहीं मिलतीं। इसके बावजूद उपभोक्ताओं से लाखों रुपये अतिरिक्त शुल्क के रूप में वसूल लिए जाते हैं।अरूण तिवारी ने कहा कि कई बिल्डर कानूनी जटिलताओं का लाभ उठाकर उपभोक्ताओं को भ्रमित करते हैं तथा अनुबंध की शर्तों में ऐसे प्रावधान शामिल कर देते हैं जो पूरी तरह बिल्डर के हित में होते हैं। जब उपभोक्ता अपने अधिकारों की मांग करते हैं, तो उन्हें टालमटोल, दबाव और अनावश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता है।उपभोक्ता अधिकार संगठन ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रदेश में संचालित सभी आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, लंबित परियोजनाओं की विशेष जांच कराई जाए तथा उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी करने वाले बिल्डरों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।अरूण तिवारी ने प्रदेश के उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले संबंधित दस्तावेजों, स्वीकृतियों, अनुबंध की शर्तों और रेरा पंजीकरण की सावधानीपूर्वक जांच अवश्य करें। साथ ही यदि किसी उपभोक्ता के साथ बिल्डर द्वारा अन्याय किया जाता है तो वह उपभोक्ता अधिकार संगठन से संपर्क कर कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है।उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन निरंतर संघर्ष करता रहेगा और किसी भी प्रकार के शोषण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।