11 केवी लाइन की चपेट में आने से किसान की मौत, कार्रवाई नहीं होने पर दूसरी बार एसपी कार्यालय पहुंचे परिजन

जिले के बमोरी क्षेत्र के ग्राम टूइयाखेड़ा में 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से किसान की मौत के मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज परिजन लगातार दूसरी बार पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। शुक्रवार को पीड़ित परिवार ने आवेदन सौंपकर बिजली विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की। मृतक लखन लोधा की पत्नी सीमा लोधा ने बताया कि 27 मई की सुबह उनके पति खेत पर पानी देने गए थे। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही 11 केवी लाइन का तार हवा के कारण टूटकर नीचे गिर गया और खेत की फेंसिंग में आग लग गई। इसकी सूचना तत्काल जोहरी विद्युत सब स्टेशन के ऑपरेटर को दी गई, जिसके बाद लाइन बंद कर दी गई थी। आरोप है कि कुछ समय बाद बिना किसी सूचना के लाइन दोबारा चालू कर दी गई। परिजनों का कहना है कि खेत में लगी आग बुझाने के लिए लखन लोधा पानी डालने पहुंचे थे, तभी करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सीमा लोधा का आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने फतेहगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। दो बार थाने पहुंचने के बावजूद उन्हें घंटों बैठाकर वापस भेज दिया गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि अब तक उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। उनका कहना है कि पति की मौत के बाद परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। उनके दो छोटे बच्चे हैं और घर में कमाने वाला कोई दूसरा सदस्य नहीं है। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर विद्युत विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।