अपराधियों से कोई सहानुभूति नहीं, लेकिन उन्हें नीले गमछे में प्रदर्शित न किया जाए : दत्तू मेढ़े

रमाकांत मोरे बुरहानपुर भीमआर्मी ने एसपी कार्यालय पहुंचकर सौंपा निवेदन पत्र, पुलिस कार्रवाई में नीले गमछे के उपयोग पर आपत्तीभीम आर्मी के तत्वावधान में आज जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर एक निवेदन पत्र सौंपा गया। इसमें मांग की गई कि पुलिस थानों से अपराधियों को न्यायालय अथवा अन्य किसी कारण से ले जाते समय उनके गले या शरीर पर नीले गमछे अथवा नीले कपड़े का उपयोग न किया जाए।इस संबंध में दत्तू मेढ़े ने बताया कि समाचार माध्यमों के जरिए यह जानकारी सामने आई थी कि एक थाना क्षेत्र में अपराधियों को नीले गमछे में बांधकर ले जाया जाता है। उन्होंने कहा कि नीला रंग डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के अनुयायियों के लिए विशेष महत्व रखता है। साथ ही भारतीय राष्ट्रीय ध्वज में अशोक चक्र का रंग भी नीला है। ऐसे में अपराधियों को नीले गमछे में प्रदर्शित किए जाने से आंबेडकर अनुयायियों की भावनाएं आहत होती हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के प्रति भीम आर्मी की किसी प्रकार की सहानुभूति नहीं है। अपराधियों के विरुद्ध कानून के अनुसार जो भी कार्रवाई निर्धारित है, वह की जानी चाहिए। लेकिन पुलिस कार्रवाई के दौरान किसी विशेष रंग के गमछे या कपड़े का इस्तेमाल कर अपराधियों को प्रदर्शित करने से बचना चाहिए, ताकि किसी समुदाय अथवा वर्ग की भावनाएं आहत न हों।दत्तू मेढ़े ने कहा कि यदि अपराधियों को नीले गमछे में ले जाने के संबंध में किसी वरिष्ठ अधिकारी अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा कोई आदेश जारी किया गया है, तो उस आदेश की प्रति सार्वजनिक की जानी चाहिए। वहीं, यदि इस प्रकार का उपयोग किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा अपने स्तर पर किया जा रहा है, तो उसका उचित स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए।भीम आर्मी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की कि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो, जिससे आंबेडकर अनुयायियों की भावनाएं आहत हों। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मांग पर उचित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में संगठन नियमानुसार न्यायालय की शरण लेने पर भी विचार करेगा।इस अवसर पर भीम आर्मी जिला अध्यक्ष सुशील ठाकरे, नगर अध्यक्ष चंदन ससाने, जिला उपाध्यक्ष डॉ. अब्दुल सलाम अंसारी, महिला विंग उपाध्यक्ष (भीम शेरनी) संगीता तायडे, जांबाज साथी सचिन मोरे सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।