अनुभव और संस्कारों से ही समाज को मिलती है सही दिशा : ताप्ती सेवा समिति

** रमाकांत मोरे *डॉक्टर सुभाष माने एवं विजय राठौर का ताप्ती सेवा समिति ने किया स्वागत*बुरहानपुर। बदलते सामाजिक परिवेश में जब युवा पीढ़ी शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही है, ऐसे समय में उसे अपनी सामाजिक जड़ों, संस्कारों और समाज के प्रति जिम्मेदारी से जोड़े रखना एक महत्वपूर्ण चुनौती भी है। इस चुनौती का सामना केवल विचारों से नहीं, बल्कि अनुभवी और सक्रिय समाजसेवियों के मार्गदर्शन से किया जा सकता है।इसी विचार के साथ ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर द्वारा शहर के प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. सुभाष माने तथा भारतीय सेन समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं अखिल भारतीय राठौर महासभा के संगठन मंत्री विजय राठौर के महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्वों पर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज को दिशा देने के लिए आज ऐसे व्यक्तित्वों की आवश्यकता है, जिनके पास अनुभव भी हो, सामाजिक सरोकार भी हों और नई पीढ़ी को समझने की क्षमता भी हो। समाजसेवा केवल किसी कार्यक्रम में उपस्थित होने या पद ग्रहण करने तक सीमित नहीं है। इसके लिए निरंतर समय देना, लोगों को साथ लेकर चलना, समस्याओं को समझना और बिना किसी अपेक्षा के लंबे समय तक कार्य करते रहने का धैर्य आवश्यक है।आज प्रत्येक समाज अपने पारंपरिक व्यवसाय और सीमाओं से आगे बढ़ रहा है। समाज का युवा शिक्षा, तकनीक, उद्योग, प्रशासन, चिकित्सा, व्यवसाय सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहा है। यह परिवर्तन निश्चित रूप से समाज की प्रगति का संकेत है, लेकिन इसके साथ यह जिम्मेदारी भी बढ़ती है कि आधुनिकता के साथ संस्कारों की निरंतरता बनी रहे।समिति ने कहा कि नई पीढ़ी को केवल यह बताना पर्याप्त नहीं कि हमारी परंपराएं क्या हैं, बल्कि उन्हें यह भी समझाना होगा कि इन संस्कारों का समाज और आने वाले भविष्य से क्या संबंध है। वरिष्ठ और अनुभवी समाजसेवी इस कड़ी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।डॉक्टर सुभाष माने जैसे इतिहास और सामाजिक सरोकारों से जुड़े अनुभवी व्यक्तित्व तथा विजय राठौर जैसे संगठनात्मक जिम्मेदारी निभाने वाले सक्रिय समाजसेवी जब समाज के बीच समय देते हैं, तो उनका अनुभव केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए भी एक मार्गदर्शन बनता है।ताप्ती सेवा समिति ने कहा कि पद सम्मान का विषय हो सकता है, लेकिन उससे जुड़ी जिम्मेदारी उससे कहीं बड़ी होती है। सामाजिक दायित्व स्वीकार करने वाला व्यक्ति अपने समय, अनुभव और ऊर्जा का एक हिस्सा समाज को देता है। यही योगदान धीरे-धीरे समाज में विश्वास, एकता और सकारात्मक परिवर्तन की नींव तैयार करता है।समिति ने दोनों समाजसेवियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके अनुभव और सक्रियता से समाज में नई पीढ़ी और वरिष्ठ पीढ़ी के बीच संवाद मजबूत हो, संस्कारों का संरक्षण हो तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना और व्यापक बने, यही इस अवसर की सार्थकता होगी । ताप्ती सेवा समिति का मानना है कि समाज की प्रगति केवल आर्थिक या व्यक्तिगत सफलता से नहीं होती; जब सफल और सक्षम लोग अपने अनुभव का कुछ हिस्सा समाज को देते हैं, तभी उस प्रगति का लाभ अगली पीढ़ी तक पहुंचता है।इस अवसर पर अध्यक्ष श्रीमती सरिता भगत अत्ताउल्लाह खान डॉक्टर युसूफ खान राजकुमार बचवानी अजय राठौर विनय पुनि वाला विजय राठौड़ राजेश भगत आदि लोग मौजूद थे ।