आपदा से निपटने के लिए तैयार होंगे 150 युवाआपदा मित्र, सात दिन तक सीखेंगे बचाव और राहत के गुर,रायसेन में युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण शुरू, पहले दिन युवाओं को सिखाया बाढ़ से बचाव और जल प्रबंधन; होमगार्ड एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने मेरा युवा भारत के सहयोग से किया आयोजन
नरेन्द्र राय


रायसेन। आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों में जिला प्रशासन का सहयोग करने के लिए जिले के 150 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। शनिवार को जिला होमगार्ड एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने मेरा युवा भारत रायसेन के सहयोग से सात दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की। इसमें शामिल स्वयंसेवकों को बाढ़, जल प्रबंधन, प्राथमिक सहायता और आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर एसडीएम मनीष शर्मा, जिला होमगार्ड कमांडेंट उमेश तिवारी, मेरा युवा भारत रायसेन की उप निदेशक मोनिका चौधरी सहित होमगार्ड एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी और प्रशिक्षक मौजूद रहे। अधिकारियों ने युवाओं को आपदा के समय सजग रहने और जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहने की बात कही।
प्रशिक्षण के पहले दिन होमगार्ड सैनिकों की टीम के प्रशिक्षक मयंक सेन ने स्वयंसेवकों को फ्लड-फ्लो मैनेजमेंट यानी जल एवं बाढ़ प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने बाढ़ जैसी आपदा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, सुरक्षित बचाव के तरीकों और राहत कार्यों के संचालन के बारे में विस्तार से समझाया। युवाओं को बताया गया कि आपातकालीन परिस्थितियों में किस तरह त्वरित निर्णय लेकर खुद को सुरक्षित रखते हुए दूसरों की मदद की जा सकती है।
सात दिन में सीखेंगे राहत और बचाव के गुर
सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को प्राथमिक सहायता, आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षित बचाव, राहत कार्यों में सहयोग और टीम के साथ समन्वय स्थापित करने का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित कर ऐसे स्वयंसेवक तैयार करना है, जो जरूरत पड़ने पर प्रशासन और राहत दलों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों की मदद कर सकें।
आपदा के समय महत्वपूर्ण होगी युवाओं की भूमिका
अधिकारियों के अनुसार, बाढ़, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान शुरुआती समय में राहत एवं बचाव कार्य काफी महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवक प्रशासन की मदद करने के साथ अपने आसपास के लोगों को सुरक्षित रखने में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। 150 युवाओं की सहभागिता से आयोजित यह प्रशिक्षण उनमें सेवा भावना, सामाजिक जिम्मेदारी और सामुदायिक सहयोग की भावना विकसित करने की पहल है।