रायसेन की श्रीजी कॉलोनी में नलों से आ रहा नाली का पानी, 15 दिन से लोग पीने को मजबूर,सड़क खुदाई में टूटी पाइपलाइन बनी मुसीबत, नपा-कॉलोनाइजर की खींचतान में परेशान हो रहे कॉलोनी के रहवासी, शिकायत सुनने वाला कोई नहीं

नरेन्द्र राय रायसेन।रायसेन शहर की पॉश कॉलोनी कही जाने वाली श्रीजी कॉलोनी में लोग पिछले एक पखवाड़े से नाली का पानी पीने को मजबूर हैं। लापरवाही का आलम यह है कि नल खोलते ही काला, बदबूदार और कीचड़ वाला पानी निकल रहा है। जिम्मेदार कौन? इस सवाल पर नगर पालिका और कॉलोनाइजर एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। पिस रहे हैं तो सिर्फ रहवासी।*कैसे बिगड़े हालात?*दरअसल, 20 दिन पहले श्रीजी सिटी कॉलोनी में सड़क बनाने के लिए जेसीबी से खुदाई की गई। खुदाई में पेयजल की मेन पाइपलाइन फूट गई। ठेकेदार ने खानापूर्ति कर पाइप को जोड़ दिया। लेकिन पाइप नाली के बीच से गुजरी है। जोड़ लीक होने से अब सीधे नाली का गंदा पानी पाइपलाइन में घुस रहा है और वही पानी घरों तक पहुंच रहा है।घरों में ऐसा है मंजर- नल से आ रहे पानी में बदबू, रंग काला।- पीना तो दूर, नहाने लायक भी नहीं।- बच्चों में उल्टी-दस्त,

टाइफ़ाइड बीमारी फैलने का डर।- लोग 300 रुपए का टैंकर मंगाने को मजबूर।*नपा की सीएमओ बोली- हमारी लाइन नहीं, कॉलोनाइजर बोला-नपा को हैंडओवर कर दी*जब रहवासी नगर पालिका पहुंचे तो जवाब मिला-नपा सीएमओ सुरेखा जाटव बोलीं ये लाइन कॉलोनाइजर की है। हम कुछ नहीं कर सकते। कॉलोनाइजर से बात की तो उसने कहा- कॉलोनी तो कब की हैंडओवर हो गई, अब नपा परिषद देखेगी।सवाल यही है कि जब कॉलोनी हैंडओवर हो गई तो नपा सुधार क्यों नहीं करा रही? और अगर नहीं हुई तो कॉलोनाइजर क्यों जिम्मेदारी से भाग रहा है?शनिवार को कॉलोनी के लोगों ने कलेक्टर अरूण विश्वकर्मा और सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की है। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि सोमवार तक समाधान नहीं हुआ तो नगर पालिका कार्यालय पर मटका फोड़ प्रदर्शन करेंगे।