सेवा की विरासत को आगे बढ़ा रहा साधु परिवार, स्वर्गीय विनोद कुमार साधु के जन्मदिवस पर सिविल अस्पताल में मरीजों को कराया भोजन
शकील खान मानवर धार

मानव सेवा ही परमार्थ सेवा”— धर्मपत्नी सरोज साधु ने कहा, गरीबों के लिए अस्पताल निर्माण का भी संकल्प; पति के सेवा भाव और विचारों को आगे बढ़ाने का लिया प्रण**मनावर।समाजसेवा, मानवता और जरूरतमंदों की सहायता के संकल्प के साथ साधु परिवार द्वारा स्वर्गीय विनोद कुमार साधु, सहायक शिक्षक** की स्मृति में उनके जन्मदिवस के अवसर पर सिविल अस्पताल मनावर में सेवा कार्य किया गया। साधु परिवार के सदस्यों ने अस्पताल पहुंचकर उपचाररत मरीजों एवं उनके परिजनों को भोजन वितरित किया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित यह सेवा कार्य स्वर्गीय विनोद कुमार साधु के प्रति परिवार की भावपूर्ण श्रद्धांजलि के साथ-साथ उनके सेवा और मानवता के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी रहा।स्वर्गीय विनोद कुमार साधु शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े होने के साथ ही जरूरतमंदों की मदद और सामाजिक सरोकारों को महत्व देने वाले व्यक्ति के रूप में याद किए जाते हैं। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में हमेशा लोगों की सहायता करने, जरूरतमंदों के साथ खड़े रहने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दी। उनके इन्हीं विचारों को आत्मसात करते हुए साधु परिवार द्वारा समय-समय पर सेवा गतिविधियां की जाती रही हैं।**“मानव सेवा ही परमार्थ सेवा है”**इस अवसर पर स्वर्गीय विनोद कुमार साधु की धर्मपत्नी *

*श्रीमती सरोज साधु** ने कहा कि **मानव सेवा ही परमार्थ सेवा है।** उन्होंने कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति की परेशानी को समझना और कठिन समय में उसके साथ खड़े होना ही सच्ची सेवा है। स्वर्गीय विनोद कुमार साधु की भी यही भावना थी कि समाज में जो व्यक्ति आर्थिक या अन्य किसी कारण से परेशान है, उसकी यथासंभव मदद की जानी चाहिए।श्रीमती सरोज साधु ने कहा कि उनके पति की स्मृति में परिवार द्वारा केवल औपचारिक कार्यक्रम करने के बजाय ऐसे कार्य किए जा रहे हैं, जिनसे सीधे जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल सके। अस्पताल में मरीजों को भोजन वितरण भी इसी सोच का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि आज उनके पति हमारे बीच शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन **उनकी प्रेरणा, विचार और मार्गदर्शन आज भी पूरे परिवार के लिए मार्गदर्शक हैं।****गरीबों के लिए अस्पताल निर्माण का संकल्प**श्रीमती सरोज साधु ने इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण संकल्प भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में साधु परिवार **स्वर्गीय विनोद कुमार साधु की स्मृति में एक अस्पताल के निर्माण के लिए प्रयास करेगा**, ताकि गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें उन्होंने कहा कि प्रयास रहेगा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को समुचित उपचार के साथ आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हो सकें और बीमारी के समय उन्हें आर्थिक परेशानी के कारण उपचार से वंचित न होना पड़े। उन्होंने कहा कि अस्पताल निर्माण का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना नहीं होगा, बल्कि स्वर्गीय विनोद कुमार साधु के सेवा भाव को स्थायी रूप देना भी होगा,साधु परिवार का कहना है कि वर्तमान में भी अपनी क्षमता के अनुसार गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों की हरसंभव सहायता की जा रही है और आने वाले समय में इसे और व्यापक रूप देने का प्रयास किया जाएगा। परिवार का मानना है कि किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना, उसके कठिन समय में उसका साथ देना और उसकी मूलभूत जरूरत में सहयोग करना ही स्वर्गीय विनोद कुमार साधु के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी,अस्पताल में भोजन वितरण के दौरान परिवारजनों ने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना। मरीजों एवं उनके परिजनों को भोजन उपलब्ध कराते हुए परिवार ने सेवा भावना को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया।इस अवसर पर स्वर्गीय विनोद कुमार साधु के पुत्र **पत्रकार मयंक साधु**, पुत्रवधू **श्रेया**, पुत्र **अभिषेक साधु**, पौत्र **कार्तिकेय साधु**, **भूमिका** सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। परिवारजनों ने स्वर्गीय विनोद कुमार साधु को स्मरण करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिए गए संस्कार, सेवा भावना और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता को आगे बढ़ाना ही परिवार का उद्देश्य है।स्वर्गीय विनोद कुमार साधु के जन्मदिवस पर आयोजित यह सेवा कार्य इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि **व्यक्ति भले ही संसार से चला जाए, लेकिन उसके अच्छे विचार और समाजसेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों को दिशा देती रहती है।** साधु परिवार ने उनके सेवा भाव को आगे बढ़ाते हुए भविष्य में भी गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता तथा स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कार्य करने का संकल्प दोहराया।