ग्राम चापोरा में गणेश उत्सव पर हर मोहल्ले में अलौकिक प्रतिमा, समिति के पंडाल में अयोध्या के रामलला स्वरूप में विराजे गणपति

सुरज दहे बुरहानपुर : ग्राम चापोरा में इस बार गणेश उत्सव की छटा देखते ही बन रही है। पूरे गांव में “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारे गूंज रहे हैं। इस बार चापोरा के हर मोहल्ले में गणपति बप्पा की अलौकिक और भव्य प्रतिमा की स्थापना की गई है। हर गली, हर चौक बप्पा के दरबार से सज गया है, जिससे पूरा गांव एक बड़े तीर्थ जैसा नजर आ रहा है।गांव में करीब 16से 18जगहों पर सार्वजनिक गणेश मंडलों ने बप्पा को विराजमान किया है। हर मंडल की अपनी अलग थीम और अलग सजावट है। कहीं फूलों से सजा दरबार है तो कहीं लाइटों से जगमगाता महल। लेकिन इन सभी में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है चापोरा में स्थित मुख्य समिति के पास विराजमान रामलला की मूर्ति।*समिति के पास आलोकित है रामलला स्वरूप गणेश मूर्ति*चापोरा की मुख्य समिति, जो गांव के सोसाइटी के पास स्थित है, उसके पंडाल में इस बार एक अद्भुत चमत्कार देखने को मिल रहा है। यहां मंडल ने गणेश जी की प्रतिमा को अयोध्या स्थित रामलला की प्रतिस्वरूप में स्थापित किया है। यह मूर्ति पूरी तरह से आलोकित है और रात के समय इसकी दिव्यता देखते ही बनती है।मूर्ति की विशेषता यह है कि इसमें गणपति बप्पा का स्वरूप और अयोध्या के रामलला का श्रृंगार एक साथ है। बप्पा ने रामलला जैसी पीतांबर धोती धारण की हुई है, माथे पर वही हीरे-जड़ा सोने का मुकुट है, गले में तुलसी और वैजयंती माला है।

उनका सिंहासन भी अयोध्या के राम मंदिर के गर्भगृह जैसा बनाया गया है। पंडाल को भी राम मंदिर की तर्ज पर खंभों, गुम्बदों और फूलों से सजाया गया है। जब रात में LED लाइटों से मूर्ति आलोकित होती है तो ऐसा लगता है मानो साक्षात अयोध्या धाम चापोरा में उतर आया हो।मंडल के सदस्यों ने बताया कि इस। मंडल की सोच थी कि इस बार कुछ ऐसा किया जाए जो पूरे जिले में पहले कभी न हुआ हो। राम मंदिर बनने के बाद हर हिंदू के मन में अयोध्या जाने की इच्छा है, लेकिन हर कोई नहीं जा पाता। इसलिए उन्होंने सोचा कि क्यों न चापोरा में ही भक्तों को रामलला और गणपति बप्पा दोनों के एक साथ दर्शन कराए जाएं।*दर्शन के लिए उमड़ रहा जनसैलाब*इस अलौकिक मूर्ति की खबर आग की तरह फैल गई है। शाम होते ही समिति के पंडाल के सामने दर्शनार्थियों की लंबी कतार लग जाती है।महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी इस मूर्ति को देखकर भावुक हो रहे हैं। कई श्रद्धालु तो मूर्ति के सामने बैठकर राम भजन गा रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस मूर्ति की फोटो और वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं। लोग इसे “चापोरा का छोटा अयोध्या” कह रहे हैं।

11 दिन तक चल रहे हैं कार्यक्रम*मंडल द्वारा पिछले 11 दिनों से रोजाना अलग-अलग रंगारंग कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं। रोज शाम महाआरती के बाद रामायण पाठ, भजन मंडली, बच्चों का नृत्य और महिलाओं द्वारा गरबा-भजन का आयोजन हो रहा है। आज गणेश उत्सव के उपलक्ष्य पर मंडल द्वारा भव्य महाप्रसादी का भी आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।कुल मिलाकर चापोरा का यह गणेश उत्सव न सिर्फ भक्ति का, बल्कि सनातन एकता का भी प्रतीक बन गया है। हर मोहल्ले में बप्पा का विराजना और समिति के पास रामलला स्वरूप में उनका आलोकित होना, यह दर्शाता है कि गांव के युवा अपनी संस्कृति से जुड़े हुए हैं।