फर्नीचर मार्ट में अवैध सागौन मिलने के मामले में राजसात की कार्रवाई, वन विभाग ने सुनवाई के लिए बुलाया,सिलवानी में दो वन अपराध प्रकरणों में 236 नग सागौन की चिरान व इमारती लकड़ी सागौन जब्त करने का उल्लेख, वनमंडलाधिकारी ने संबंधितों को उपस्थित होने के दिए निर्देश

नरेन्द्र राय रायसेन रायसेन/सिलवानी। सिलवानी क्षेत्र में फर्नीचर मार्ट से जुड़े वन अपराध के दो मामलों में वन विभाग ने जब्त वन उपज के राजसात की कार्रवाई शुरू कर दी है। सामान्य वनमंडल रायसेन के वनमंडलाधिकारी कार्यालय से जारी पत्र में संबंधित पक्षों को राजसात की कार्रवाई के लिए निर्धारित तारीख और समय पर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं।वन विभाग के पत्र के अनुसार वन अपराध प्रकरण क्रमांक 47374/10 दिनांक 10 अक्टूबर 2025 और 47374/11 दिनांक 12 अक्टूबर 2025 में लॉरटेक फर्नीचर मार्ट में जब्तशुदा फर्नीचर/वन उपज के राजसात की कार्रवाई प्रस्तावित है। इसी संबंध में अभियोजन साक्ष्य, बयान और कथन दर्ज करने की कार्रवाई की जानी है।निरीक्षण में अवैध रूप से लकड़ी रखने का उल्लेख….

पत्र में बताया गया है कि 10 अक्टूबर 2025 को वन परिक्षेत्र सिलवानी पश्चिम के अंतर्गत वन अमले द्वारा संबंधित स्थान का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान गीली लकड़ी की चिरान एवं फर्नीचर सागौन लकड़ी अवैध रूप से रखा पाया गया। वन विभाग के अनुसार जब्त वन उपज की पैमाइश में सागौन चरपट 198 नग, 0.475 घनमीटर पाई गई। इसके आधार पर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 47374/10 दर्ज किया गया।इसी तरह 12 अक्टूबर 2025 को लॉरटेक फर्नीचर मार्ट संचालक द्वारा लिए गए किराए के कमरे की जांच के दौरान अवैध रूप से सागौन इमारती 38 नग, 0.239 घनमीटर मिलने का उल्लेख पत्र में किया गया है। इस मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 47374/11 दर्ज किया गया।राजसात की कार्रवाई कार्यालय में विचाराधीन….पत्र में स्पष्ट किया गया है कि उक्त जब्तशुदा वन उपज के राजसात की कार्रवाई संबंधित कार्यालय में विचाराधीन है।

मामले में जांच एवं सुनवाई की कार्रवाई के लिए संबंधितों को निर्धारित तारीख को सामान्य वनमंडल कार्यालय रायसेन में सुबह 10 बजे उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि निर्धारित तारीख और समय पर उपस्थित होकर प्रकरण की जांच कार्रवाई में सहयोग करें तथा पत्र की पावती दें।वन विभाग के दस्तावेज में दर्ज कार्रवाई के मुताबिक दोनों प्रकरणों में कुल 236 नग सागौन की चिरान/इमारती लकड़ी और करीब 0.714 घनमीटर वन उपज का उल्लेख सामने आता है। अब राजसात की कार्रवाई में आगे क्या निर्णय होता है, यह सुनवाई और विभागीय जांच के बाद स्पष्ट होगा।