नेशनल लोक अदालत में 323 प्रकरणों का निराकरण, 29.76 लाख रुपए की वसूली26 लंबित मामलों में समझौता, प्री-लिटिगेशन के 297 प्रकरण निपटे; पक्षकारों ने कहा- समय और खर्च दोनों बचे

नरेन्द्र राय रायसेन नेशनल लोक अदालत में 323 प्रकरणों का निराकरण, 29.76 लाख रुपए की वसूली26 लंबित मामलों में समझौता, प्री-लिटिगेशन के 297 प्रकरण निपटे; पक्षकारों ने कहा- समय और खर्च दोनों बचे सिलवानी। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार शनिवार को सिलवानी न्यायालय परिसर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। सुबह 10.30 बजे से शाम 5 बजे तक चली लोक अदालत में आपसी समझौते के माध्यम से कुल 323 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें न्यायालय में लंबित राजीनामा योग्य सिविल, आपराधिक, चेक बाउंस और अन्य मामलों के 26 प्रकरण शामिल रहे। वहीं प्री-लिटिगेशन स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, नगर परिषद सिलवानी और बैंकों से संबंधित 297 प्रकरणों का निराकरण कर 29 लाख 76 हजार 207 रुपए की वसूली की गई।लोक अदालत के दौरान आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी की अध्यक्ष एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुनीता पचौरिया ने अधिवक्ताओं और पक्षकारों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत विवादों को आपसी सहमति से समाप्त करने का प्रभावी माध्यम है। इससे पक्षकारों के बीच आपसी सद्भाव बढ़ता है और कटुता समाप्त होती है। साथ ही समय, धन और श्रम की बचत होती है। लोक अदालत में समझौते से निराकृत मामलों में जमा न्याय शुल्क भी नियमानुसार वापस प्राप्त किया जा सकता है।बैंक और नगर परिषद के स्टॉलों का किया निरीक्षणलोक अदालत में बैंक और नगर परिषद सिलवानी सहित संबंधित विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए थे। न्यायाधीश सुनीता पचौरिया ने इन स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहां पहुंचे पक्षकारों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागों के कर्मचारियों को पक्षकारों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।समझौते के बाद चेहरे पर दिखी राहतलोक अदालत में बड़ी संख्या में ऐसे पक्षकार पहुंचे, जो लंबे समय से न्यायालयीन प्रक्रिया का सामना कर रहे थे। मामलों के आपसी समझौते से निराकरण के बाद पक्षकारों में राहत दिखाई दी। न्यायालय से निकलते समय उन्हें न्यायाधीश की ओर से पौधे भी दिए गए। एक ओर वर्षों से चल रहे विवाद खत्म हुए, वहीं दूसरी ओर पौधे लेकर पक्षकार पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।ये रहे मौजूदलोक अदालत में पीठासीन सदस्य अतुल श्रीवास्तव, अधिवक्ता संघ सिलवानी के अध्यक्ष जीएस रघुवंशी, अधिवक्ता दीपेश समैया, एम. इमरान, संदीप जैन, नितिन सोनी सहित बड़ी संख्या में पक्षकार और संबंधित विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।