होटल-रिसोर्ट की रसोई में मिली गंदगी, फंगस लगी गोभी से बना रहे थे खाना,होटल-रिसोर्ट की रसोई में मिली गंदगी, फंगस लगी गोभी से बना रहे थे खानाबरेली के दो बड़े प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा टीम को मिलीं कई खामियां; अखाद्य गुलाबबरी से खाद्य पदार्थों में डाल रहे थे खुशबू, पेस्ट कंट्रोल और पानी की जांच के दस्तावेज भी नहीं मिले

नरेन्द्र राय रायसेन रायसेन/बरेली ।होटल, रेस्टोरेंट और रिसोर्ट में ग्राहकों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर जिला खाद्य सुरक्षा विभाग ने रविवार को बरेली क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने होटल-रेस्टोरेंट और रिसोर्ट की रसोई का निरीक्षण किया तो कई गंभीर लापरवाहियां सामने आईं। कहीं किचन में कीटों की रोकथाम के इंतजाम अधूरे मिले तो कहीं खाद्य सामग्री का स्टोरेज ही अव्यवस्थित मिला। सबसे चौंकाने वाली स्थिति मिडवे ट्रीट में मिली, जहां सब्जी बनाने के लिए रखी गोभी खराब होने के साथ उसमें फंगस लगी थी। टीम ने मौके पर ही उसे नष्ट कराया।आयुक्त खाद्य सुरक्षा, मध्यप्रदेश के निर्देश और कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर 12 सितंबर को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बरेली तहसील के होटल, रेस्टोरेंट एवं रिसोर्ट का निरीक्षण किया

। टीम ने मिडवे ट्रीट, समनापुर जागीर और द इंडियन रिसोर्ट, भोपाल-जबलपुर हाईवे रोड का निरीक्षण किया।फंगस लगी गोभी से बना रहे थे सब्जी—मिडवे ट्रीट (विहान हॉस्पिटिलिटी लिमिटेड) के निरीक्षण में कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं मिले। पेस्ट कंट्रोल की गतिविधियों के दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए। पेयजल की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट भी नहीं थी। रसोई में सब्जी बनाने के लिए रखी गोभी बेहद खराब स्थिति में मिली और उसमें फंगस लगा था। खाद्य सुरक्षा टीम ने उसे मौके पर ही नष्ट कराया।त्वचा पर लगाने वाला गुलाबबरी खाद्य पदार्थ में इस्तेमाल—निरीक्षण में एक और गंभीर लापरवाही सामने आई। दोनों प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों में गुलाब जल के स्थान पर डाबर गुलाबबरी का उपयोग किया जा रहा था। टीम के अनुसार यह अखाद्य सामग्री है और त्वचा पर बाहरी उपयोग के लिए होती है। इसके बावजूद इसे खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल किया जा रहा था।दूसरे रिसोर्ट की रसोई में भी कई कमियां—द इंडियन रिसोर्ट में भी कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट और पेस्ट कंट्रोल से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले। किचन के ड्रेनेज में लगी जाली पूरी तरह कवर्ड नहीं थी। एक्जॉस्ट और चिमनी की निकासी भी ऐसी सूक्ष्म जाली से कवर नहीं थी।जिससे बाहर से कीटों के प्रवेश को रोका जा सके। चूहे और अन्य कीटों की रोकथाम के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले। खाद्य सामग्री के स्टोरेज में भी सामान का रखरखाव उचित नहीं पाया गया।पनीर, दाल से लेकर बेसन और मिठाई के सैंपल लिए…जिला खाद्य सुरक्षा टीम ने दोनों प्रतिष्ठानों से पनीर, कश्मीरी मिर्च

, बेसन, तुअर दाल, कलाकंद, काबुली चना सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए। इसके अलावा बरेली की निखिल बेकरी एंड फैमिली रेस्टोरेंट से पनीर और बूंदी के लड्डू के नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए हैं।सुधार नहीं हुआ तो लाइसेंस होगा निलंबित—निरीक्षण में मिली कमियों को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 के तहत सुधार सूचना पत्र जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। प्रतिष्ठानों को निर्धारित समय में कमियां दूर करनी होंगी। समय सीमा में सुधार नहीं होने पर लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी।पहले के अभियान में घी-पनीर के नमूने भी फेल—-दूध एवं दुग्ध पदार्थों के संबंध में चलाए गए पूर्व अभियान में मंडीदीप से लिए गए दो पनीर, दूध और खजुराहो घी के नमूने अवमानक पाए गए हैं। वहीं रायसेन से लिए गए डीएफ गोल्ड काउ घी का नमूना असुरक्षित पाया गया है। इन मामलों में पूरी विवेचना के बाद सक्षम न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया जाएगा।कार्रवाई में नायब तहसीलदार बरेली योगेश शुक्ला एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र नुनइयां शामिल रहे।