कर्ज के दबाव में नाबालिग का कराया विवाह, गर्भवती मिली

नरेंद्र राय रायसेन। जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंची एक नाबालिग गर्भवती लड़की ने बाल विवाह का आरोप लगाया है। चाइल्ड लाइन की सूचना पर बाल कल्याण समिति बोर्ड की टीम जिला अस्पताल पहुंची। पूछताछ में लड़की ने बताया कि उसकी शादी 20 अप्रैल 2026 को उसकी मन मर्जी के खिलाफ कराई गई थी।जिला *अस्पताल में हुआ खुलासा*सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार किशोरी पेट में दर्द की शिकायत लेकर चेकअप कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंची थी। जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि वह करीब 4 महीने की गर्भवती है और नाबालिग है। नियमानुसार अस्पताल स्टाफ ने चाइल्ड लाइन को सूचना दी।सूचना मिलते ही बाल कल्याण समिति बोर्ड के अध्यक्ष आदित्य चावला, सदस्य ममता पटेल और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी व तहसील स्तर के अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे।*पिता ने कर्ज चुकाने के लिए कराई शादी….*बाल कल्याण समिति द्वारा की गई पूछताछ में किशोरी ने बताया कि उसके पिता ने किसी व्यक्ति से कर्ज लिया था और वे कर्ज नहीं चुका पा रहे थे। कर्ज से मुक्ति पाने के लिए पिता ने उसी व्यक्ति से उसकी शादी करा दी। लड़की ने बताया कि शादी उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन कराई गई थी।*डॉक्टर पर तथ्य छुपाकर इलाज का आरोप*इस पूरे मामले में अब इलाज करने वाले डॉक्टर की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। बाल कल्याण समिति बोर्ड के अध्यक्ष आदित्य चावला एडवोकेट ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर को इलाज के दौरान ही पता चल गया था कि लड़की नाबालिग है और गर्भवती है।इसके बावजूद उन्होंने इसकी सूचना प्रशासन या बाल कल्याण समिति को नहीं दी। अगर जांच में तथ्य छिपाने की बात सामने आती है तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।*जांच पड़ताल शुरू*बाल कल्याण समिति किशोरी की वास्तविक उम्र की पुष्टि के लिए उसके स्कूल के दस्तावेज, आधार कार्ड और अन्य प्रमाण पत्रों की जांच कर रही है। साथ ही शादी से संबंधित साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। जांच के बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा। फिलहाल किशोरी को संरक्षण में लेकर काउंसलिंग की जा रही है।