प्रजापिता ब्रह्माकुमारी द्वारा श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर हुआ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

रमाकांत मोरेबुरहानपुर शहर के प्रजापीता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में श्री कृष्ण जन्माष्टमी त्योहार पारंपरिक उपवास और कर्मकांडो के बजाय पुर्णतहा आध्यात्मिक और अलौकिक रीति से मनाया जाता है । मंगला दीदी ने बताया की प्रजापिता ब्रह्माकुमारी द्वारा त्योहार मनाने का तरीका और उसका निहित अर्थ आम धारणा से काफी अलग एवं आंतरिक परिवर्तन का केंद्रीत होता है । ब्रह्माकुमारीज में जन्माष्टमी कैसे मनाई जाती है । यह ब्रह्माकुमारी आश्रमों , सेवा केंद्रों में जन्माष्टमी का उत्सव बेहद शांतिपुर्ण , गरिमामय और ज्ञानवर्धक माहौल से मनाया जाता है । जयश्री दीदी ने बताया की श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन चैतन्य झांकियो का आयोजन इस दिन आश्रमों में बच्चों या भाई-बहनों को श्री कृष्ण और राधा के रूप में बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया जाता है ।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी द्वारा ब्रह्मा बाबा की तस्वीर के सामने आधी रात को जन्म के समय सभी सेवा केदो पर विशेष राजयोग का ध्यान भाई बहनों एवं माताओ द्वारा शांत मन से परमात्मा शिव बाबा से जुड़ते हैं । और शांति , पवित्रता , प्रेम एवं ईश्वरीय कार्य से जोड़ने का एवं ग्रामीणों में जागरूकता लाने का प्रयास करते हैं । आध्यात्मिक प्रवचन के साथ-साथ मनुष्य जीवन सफल होने के लिए ज्ञान चर्चा का अनुभव दिया जाता है । इस केंद्र पर श्री कृष्ण जीवन के सत्य और उनके आध्यात्मिक रहस्यो की व्याख्या की जाती है ।में पवित्र प्रतिज्ञा उत्सव के अंत में सभी उपस्थित लोग अपने भीतर की एवं विचारो की पांच मुख्य विकार जैसे की काम , क्रोध , लोभ , मोह एवं अहंकार को त्यागने का संकल्प कते हैं । कार्यक्रम में विशेष रूप से महिला अधिकार मंच के अध्यक्ष ज्योति सिंह उपस्थिती में श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव संपन्न हुआ ।