टीईटी के लिए भोपाल से बनेगी जिले के शिक्षकों की सूची, 18 सितंबर तक भर सकेंगे फॉर्मअभी तक शिक्षकों ने एक भी फॉर्म नहीं भरे परीक्षा पास नहीं करने पर नौकरी से हटाए जाने का खतरा, विभाग ने ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन परीक्षा कराने का निर्णय लिया

नरेन्द्र राय रायसेन रायसेन। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर जिले के शिक्षकों के बीच बनी असमंजस की स्थिति अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। परीक्षा में कौन-कौन से शिक्षक शामिल होंगे और किसे इससे छूट मिलेगी। इसे लेकर विभागीय स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के पात्र शिक्षकों की सूची भोपाल से तैयार की जाएगी। वहीं, परीक्षा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर चार सितंबर से बढ़ाकर 18 सितंबर कर दी गई है। पहले यह तिथि 4 सितंबर थी।टीईटी के लिए भोपाल से बनेगी …जिले के शिक्षकों की सूची, 18 सितंबर तक भर सकेंगे फॉर्मअभी तक शिक्षकों ने एक फार्म भी नहीं भरा।शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों की सूची जारी करने की मांग की जा रही थी। उनका तर्क है कि जब तक यह स्पष्ट नहीं होगा कि परीक्षा में कौन पात्र है और कौन नहीं, तब तक आवेदन को लेकर बनी असमंजस की स्थिति दूर नहीं होगी। इसी बीच विभाग ने ऑनलाइन के साथ ही ऑफलाइन परीक्षा कराए जाने का निर्णय लिया है।फॉर्म भरने से बना रहे थे दूरी…शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होने को लेकर शिक्षकों के बीच काफी समय से असमंजस बना हुआ है। शिक्षक संगठन लगातार मांग कर रहे थे कि परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों की सूची जारी की जाए।ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन शिक्षकों को परीक्षा देनी है और किन्हें इससे छूट मिलेगी।जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, जिले के एक भी शिक्षक ने अब तक परीक्षा के लिए फॉर्म नहीं भरा है। बड़ी संख्या में शिक्षक आवेदन करने से दूरी बना रहे थे। शिक्षकों का कहना है कि पहले पात्रता स्पष्ट की जाए, इसके बाद ही आवेदन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होने को लेकर शिक्षकों के बीच काफी समय से असमंजस बना हुआ है। शिक्षक संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सक्सेना राजेश जोशी सीताराम रायकवार हरिराम विश्वकर्मा सहित समस्त शिक्षक संगठन लगातार मांग कर रहे थे कि परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों की सूची जारी की जाए।, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन शिक्षकों को परीक्षा देनी है और किन्हें इससे छूट मिलेगी।शिक्षकों का कहना है कि पहले पात्रता स्पष्ट की जाए, इसके बाद ही आवेदन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।1998 से 2009 के बीच चयनित शिक्षकों का मामला…दरअसल, सुप्रीम कोर्ट दिल्ली ने 1998 से 2009 के मध्य चयनित शिक्षकों की पात्रता परीक्षा कराए जाने का निर्देश दिया था। इसी निर्देश के बाद विभाग द्वारा शिक्षकों की पात्रता परीक्षा कराए जाने की तैयारी की जा रही है। परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों की सूची भोपाल से तैयार की जाएगी।शिक्षकों के बीच यह सवाल भी बना हुआ है कि परीक्षा में कौन पात्र है और कौन नहीं। इसी कारण शिक्षक संगठन लंबे समय से पात्र शिक्षकों की सूची जारी करने की मांग कर रहे थे। विभागीय स्तर पर अब इस दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।ईएसबी ने बढ़ाई आवेदन की अंतिम तिथि….मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने परीक्षा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। पहले शिक्षकों को 4 सितंबर तक फॉर्म भरना था, लेकिन अब वे 18 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने से उन शिक्षकों को राहत मिली है, जो अब तक फॉर्म नहीं भर पाए थे।शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही बड़ी संख्या में शिक्षक आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, विभाग की ओर से आवेदन प्रक्रिया जारी है और शिक्षकों से निर्धारित समय-सीमा में फॉर्म भरने को कहा जा रहा है।ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन परीक्षा कराने का निर्णय…शिक्षकों की ओर से ऑनलाइन परीक्षा के साथ ऑफलाइन परीक्षा कराने की मांग भी की जा रही थी। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग ने शिक्षकों की इस मांग को पूरा करते हुए ऑनलाइन के साथ ही ऑफलाइन परीक्षा कराए जाने का निर्णय लिया है।शिक्षकों का कहना है कि ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प मिलने से उन शिक्षकों को सुविधा होगी।जिन्हें ऑनलाइन परीक्षा देने में परेशानी होती है। हालांकि, परीक्षा की विस्तृत व्यवस्था और केंद्रों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।परीक्षा पास नहीं करने पर नौकरी से हटाए जाने का डर….शिक्षकों के बीच परीक्षा को लेकर सबसे बड़ी चिंता नौकरी से हटाए जाने की है। बताया गया है कि शिक्षकों को परीक्षा पास करने का कई बार मौका दिया जाएगा।शिक्षकों के बीच परीक्षा को लेकर सबसे बड़ी चिंता नौकरी से हटाए जाने की है। बताया गया है कि शिक्षकों को परीक्षा पास करने का कई बार मौका दिया जाएगा। 2028-29 के मध्य शिक्षकों को यह परीक्षा पास करनी होगी। यदि शिक्षक परीक्षा पास नहीं कर पाते हैं तो सुप्रीम कोर्ट दिल्ली के निर्देश के तहत उन्हें नौकरी से बाहर कर दिया जाएगा।शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के कारण बड़ी संख्या में शिक्षक आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि पहले यह स्पष्ट किया जाए कि परीक्षा में कौन-कौन से शिक्षक पात्र हैं और किन्हें इससे छूट दी गई है।सूची जारी होने के बाद स्थिति होगी स्पष्ट….जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, भोपाल से जिले के शिक्षकों की सूची तैयार की जाएगी। इसी सूची के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि परीक्षा में कौन-कौन से शिक्षक शामिल होंगे। सूची जारी होने के बाद ही शिक्षकों के बीच बनी असमंजस की स्थिति दूर होने की उम्मीद है।अधिकांश शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा को लेकर विभाग को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। ताकि शिक्षक समय पर आवेदन कर सकें। फिलहाल आवेदन की अंतिम तिथि 4 से बढ़ाकर 18 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। बहरहाल अब देखना यह होगा कि सूची जारी होने के बाद कितने शिक्षक परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं।जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक ने बताया कि टीईटी की परीक्षा के लिए कौन शिक्षक पात्र है और कौन नहीं, इसका निर्णय डीपीआई भोपाल से होगा। ऐसे शिक्षकों की सूची भी भोपाल से ही बनाई जाएगी। परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि में बढ़ोतरी कर दी गई है।