सिविल अस्पताल के गेट के सामने सड़क पर गड्ढा, हादसे का बना खतराबारिश में पानी भरने से बढ़ी परेशानी, एंबुलेंस और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कत

नरेन्द्र राय रायसेन रायसेन। सिलवानी नगर के सिविल अस्पताल के मुख्य गेट के ठीक सामने स्टेट हाईवे-15 की सड़क पर बना बड़ा गड्ढा इन दिनों वाहन चालकों और अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। व्यस्त मार्ग पर अस्पताल के प्रवेश द्वार के सामने ही सड़क खराब होने से हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है।अस्पताल के मुख्य गेट के सामने सड़क पर बने गड्ढे से होकर प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज, उनके परिजन, अस्पताल कर्मचारी और राहगीर गुजरते हैं। कई बार वाहन चालक अचानक गड्ढा सामने आने पर वाहन संभालने का प्रयास करते हैं, जिससे दुर्घटना की स्थिति बन जाती है। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से गड्ढा स्पष्ट नजर नहीं आने पर खतरा और बढ़ जाता है।बारिश में पानी भरने से गहराई का अंदाजा मुश्किलबारिश होने पर गड्ढे में पानी भर जाने से इसकी वास्तविक गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालक अचानक गड्ढे में पहुंच जाते हैं। इससे वाहन अनियंत्रित होने और गिरने की आशंका बनी रहती है। अस्पताल के सामने होने के कारण यहां मरीजों को लेकर आने वाले वाहनों की आवाजाही भी लगातार बनी रहती है।एंबुलेंस की आवाजाही में भी परेशानीसिविल अस्पताल में गंभीर मरीजों को लेकर एंबुलेंस भी पहुंचती हैं। मुख्य गेट के ठीक सामने सड़क खराब होने से एंबुलेंस को भी सावधानी से गुजरना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण जगह के सामने सड़क की स्थिति ठीक होना जरूरी है, क्योंकि यहां किसी भी समय मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की आवश्यकता पड़ सकती है।स्टेट हाईवे पर गड्ढा, जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवालस्थानीय लोगों के मुताबिक स्टेट हाईवे-15 नगर का प्रमुख मार्ग है और इस पर दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद अस्पताल के मुख्य गेट के सामने लंबे समय से सड़क पर गड्ढा बना होना जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि सड़क की नियमित निगरानी और समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण छोटी समस्या अब हादसे का कारण बन सकती है।स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि अस्पताल के मुख्य गेट के सामने बने गड्ढे का तत्काल निरीक्षण कर उसकी मरम्मत कराई जाए। साथ ही सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त कर यातायात को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि मरीजों, एंबुलेंस, अस्पताल कर्मचारियों और आम राहगीरों को परेशानी से राहत मिल सके और संभावित हादसे को समय रहते टाला जा सके।