राम मंदिर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शोभायात्रा के साथ समापन हुआ

संवाददाता जिला ब्यूरो ग्रामीण धार बदनावर से माही राठौड़**जो काम प्रेम के माध्यम से संभव है, वह हिंसा से संभव नहीं-पं.अवधेशानंद मिश्र*चिराखान।श्री राम मंदिर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शोभायात्रा के साथ रविवार को समापन हुआ।शोभायात्रा के दौरान कथा समापन के अवसर पर ग्रामीणों ने कथा वाचक पं.अवधेशानंद मिश्र जुनिया (राजस्थान) का शाल,श्रीफल व अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया। कथा के चलते श्रद्धालुओं में काफी उत्साह नजर आया श्री राम मंदिर में चल रही भागवत कथा के अंतिम दिन श्रोताओं को प्रवचन देते हुए पं.अवधेशानंद मिश्र जुनिया (राजस्थान) ने भगवान श्रीकृष्ण के वात्सल्य व असीम प्रेम के अलावा उनके द्वारा की गई विभिन्न लीलाओं का वर्णन कर वर्तमान समय में समाज में व्याप्त अत्याचार, कटुता, व्यभिचार को दूर कर सुंदर समाज निर्माण के लिए युवाओं को प्रेरित किया। इस धार्मिक अनुष्ठान के समापन दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण की सर्वोपरि लीला रासलीला, मथुरा गमन, दुष्ट कंस राजा के अत्याचार से मुक्ति के लिए कंसवध, शिशुपाल वध एवं सुदामा चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्तिरस में डुबो दिया। इस दौरान उन्होने भजनो पर वहा उपस्थित लोगों को ताल एवं धुन पर नृत्य करने के लिए विवश कर दिया। इस कथा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों भक्तों ने आनंद उठाया। उन्होंने सुंदर समाज निर्माण के लिए गीता से कई उपदेश के माध्यम अपने को उस अनुरूप आचरण करने को कहा। जो काम प्रेम के माध्यम से संभव है, वह हिंसा से संभव नहीं हो सकता है। समाज में कुछ लोग ही अच्छे कर्मों द्वारा सदैव चिर स्मरणीय होता है, इतिहास इसका साक्षी है।उन्होने कहा की व्यक्ति को अपने माता पिता एवं बडे बुजुर्गो की सेवा करना चाहिए। एवं सभी को कम से कम एक घण्टे तक कथा श्रवण करना चाहिए। ये शरीर क्षण भंगुर है ये केवल सजने सवारने के काम का नही है इसलिए इंसान को भगवान की भक्ती मे मन को लगाना चाहिए ।भागवत कथा समापन पर श्रीमद् भागवत पोथी की शोभायात्रा निकाली गई।शोभायात्रा श्री राम मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए पुनः श्री राम मंदिर प्रांगण पहुंची जहां महाआरती कर महाप्रसाद वितरित की गई। इस अवसर पर शंकरलाल पाटीदार ,शिवनारायण जायसवाल,हरिनारायण जायसवाल ,गौरीशंकर जायसवाल,हरिनारायण पाटीदार,जयराम पाटीदार,धरमचन्द पाटीदार ,सत्यनारायण पाटीदार,पप्पु पाटीदार,घनश्याम पाटीदार,मुकेश पाटीदार,बगदीराम पाटीदार,नारायण पाटीदार,रधुनाथ मुकाती ,घनश्याम जायसवाल सहित बड़ी संख्या में श्रृद्धालु उपस्थित थे।