अखिल विश्व गायत्री परिवार चेतना केंद्र खामखेड़ा के द्वारा शिक्षक दिवस पर गुरुजनों का सम्मान किया

। रिपोर्टर नवीन रायली अमरसिंह सोलंकी ने कहा कि “गुरु केवल शिक्षा नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी दिखाते हैं। माता-पिता के बाद गुरु ही हमारे जीवन के सबसे बड़े मार्गदर्शक होते हैं।”इस अवसर पर उन्होंने अपने पूज्य गुरु पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि गुरु के संस्कार और विचार जीवन को नई दिशा देने का कार्य करते हैं।

गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है।पूनमचंद मीना ने सभी विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने शिक्षकों का सम्मान करें तथा उनके बताए संस्कारों और आदर्शों को अपने जीवन में उतारें।गुरु के चरणों में ज्ञान है,गुरु के शब्दों में प्रकाश है,गुरु के आशीर्वाद में शक्ति है,और गुरु के मार्गदर्शन मेंएक बेहतर भविष्य का विश्वास है

।आइए, हम सभी अपने जीवन में अपने शिक्षकों के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें।भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में भाग लेने के लिए बच्चों को प्रेरित किया गया ।आज जो युवा भटक रहे है उन्हें रास्ता दिखाने हेतु इस परीक्षा को देना जीवन को सुगम बनाने के लिए आवश्यक है। अशोक मीणा,गजानंद प्रजापत, कालू मीणा,धर्मेंद्र रांडवा,जयराम पाटोदा,केशरलाल पटेल,सुरेश लेवा सभी भाइयों का सहयोग रहा।
