5 सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर
सुरज दहे

पर्यावरण मित्र शिक्षक: बोदरली के निवासी शिक्षक संजय राठौड़ ने हजारों पौधे रोपकर पेश की मिसाल; योग और नवाचार से गढ़ रहे बच्चों का भविष्य* बुरहानपुर।”शिक्षक वह दीप है जो स्वयं जलकर दूसरों के जीवन को आलोकित करता है।” शिक्षक दिवस के इस पावन अवसर पर बुरहानपुर जिले के ग्राम बोदरली निवासी और शासकीय माध्यमिक शाला तुरकग़ुराड़ा में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक संजय राठौड़ की प्रेरक कहानी सामने आती है। शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रकृति संरक्षण को अपने जीवन का ध्येय बनाने वाले राठौड़ को पूरा जिला ‘पर्यावरण मित्र’ के नाम से जानता है।पौधारोपण, सुरक्षा और सिंचन का मजबूत संकल्पपर्यावरण के प्रति उनका समर्पण अनूठा है। वे प्रतिदिन पौधारोपण के लिए बाकायदा योजना बनाते हैं। सिर्फ पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड, बाड़ और नियमित पानी देने की पुख्ता व्यवस्था भी करते हैं। उनके इस निरंतर भगीरथ प्रयास से आज हजारों पौधे विशाल वृक्ष बनकर धरती को हरा-भरा बना रहे हैं।खेल-खेल में नवाचार और दैनिक योगाभ्याससंजय राठौड़ कक्षा में परंपरागत पढ़ाई के बजाय विद्यार्थियों को प्रतिदिन खेल-खेल में अनेक रोचक गतिविधियों और नवाचारों के माध्यम से सिखाते हैं। वे शाला में रोज पीटी और योगाभ्यास कराते हैं, जिससे बच्चे शारीरिक व मानसिक रूप से चुस्त रहते हैं। शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच मित्रतापूर्ण व्यवहार के कारण बच्चों में स्कूल आने का उत्साह बढ़ा है और उनकी उपस्थिति सतत बनी रहती है। विद्यार्थियों के चेहरे पर छाई मुस्कान और ओजस्वी चमक उनके इस प्रयास की सफलता बयां करती है।कलेक्टर द्वारा सम्मान और समाज के लिए प्रेरणापर्यावरण और शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट एवं निस्वार्थ कार्य के लिए प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी जिला कलेक्टर द्वारा उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया है। शिक्षक का जीवन यह साबित करता है कि एक सच्चा शिक्षक केवल किताबों तक सीमित न रहकर समाज और आने वाली पीढ़ियों के स्वर्णिम भविष्य की नींव रखता है।