तिरंगे के रंग में रंगा गैरतगंज, गूंजा वंदे मातरम् और भारत माता का जयघोष
नरेन्द्र राय रायसेन

रायसेन ।‘हर घर तिरंगा अभियान’ और राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में तहसील मुख्यालय गैरतगंज में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यह तिरंगा यात्रा सांची विधायक डॉ प्रभुराम चौधरी नगर परिषद अध्यक्ष जिनेश जैन सिंघई उपाध्यक्ष अशोक ठाकुर के नेतृत्व यात्रा में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर निकले विधायक डॉ चौधरीनगर परिषद अध्यक्ष जिनेश सिंघई,विद्यार्थियों ने पूरे शहर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।तिरंगा यात्रा का शुभारंभ के बाद यहां सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया गया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों,विद्यार्थियों और नागरिकों ने हाथों में तिरंगा लेकर ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिंद’ के नारे लगाए।

तिरंगा यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए चौक, मेन रोड से बस स्टैंड पहुंची। इसके बाद विधायक डॉ चौधरी, सुभाष जैन, नगर परिषद उपाध्यक्ष अशोक ठाकुर सहित जनप्रतिनिधियों संविधान के रचयिता एवं भारतरत्न डॉ भीमराव अम्बेडकर साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन किया गया।प्रमुख मार्गों से निकली तिरंगा यात्रातिरंगा यात्रा में विधायक डॉ चौधरी सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी शामिल हुए।

यात्रा के दौरान पूरे शहर में देशभक्ति का माहौल नजर आया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने तिरंगा लहराते हुए नागरिकों को राष्ट्रप्रेम और एकता का संदेश दिया। वहीं देशभक्ति तराने के बीच थिरकते नजर आए।हर घर तिरंगा फहराने की अपील…विधायक डॉ चौधरी सहित नगर परिषद अध्यक्ष जिनेश जैन सिंघई उपाध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर सुभाष जैन ने नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने घर, प्रतिष्ठान और संस्थानों पर तिरंगा फहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। हर नागरिक को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगे के प्रति सम्मान और देशप्रेम की भावना प्रदर्शित करनी चाहिए।

तिरंगे के साथ पौधरोपण का संदेशनगर परिषद गैरतगंज परिसर में आयोजित रुlतिरंगे के साथ पौधे भेंट किए गए। ‘एक पौधा मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण और उसकी देखभाल का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की सहभागिता रही।