भगवान राम का वनवास 14 साल में पूरा हुआ, हमारा वनवास आखिर कब होगा? वेतन-पदोन्नति नहीं मिलने से सफाई कर्मियों का आक्रोश
नरेन्द्र राय रायसेन

रायसेन। भगवान राम का वनवास तो 14 साल में पूरा हो गया था, लेकिन हमारा वनवास आखिर कब खत्म होगा? यह मार्मिक गुहार कलेक्टर अरूण विश्वकर्मा को आवेदन देते हुए सफाई कर्मियों ने लगाई। सफाई कर्मियों का कहना है कि उन्हें समय पर न वेतन मिल रहा है और न ही पदोन्नति का लाभ। आखिर कब तक यूं ही परेशान होते रहेंगे?—कुछ इसी दर्द के साथ सफाई कर्मचारी बुधवार कोकलेक्ट्रेट पहुंचे। सफाई कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं कलेक्टर के सामने रखीं और जल्द समाधान की मांग की।सफाई कर्मियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर परेशान हैं। वेतन का भुगतान नहीं होने से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। वहीं, पदोन्नति सहित अन्य मांगों पर भी जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से ठोस पहल नहीं होने से सफाई कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।हड़ताल की चेतावनी, आत्मघाती कदम उठाने की बात कही…..सफाई कर्मचारियों ने कहा कि लगातार मांगों की अनदेखी होने पर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने हड़ताल की बात कही है। उनका कहना है कि यदि जल्द समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। कुछ कर्मचारियों ने मानसिक और आर्थिक परेशानी के बीच आत्मघाती कदम उठाने तक की बात कही।कलेक्ट्रेट में अधिकारियों से लगाई गुहार….सफाई कर्मचारियों ने जनसुनवाई में भी पहले अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया और मांगों के निराकरण की गुहार लगाई। नपा परिषद के सफाई कर्मचारियों सहित एस डीएम,तहसील कार्यालय सहित अन्य विभागों के सफाई सफाई कर्मचारियों ने कहा कि वे शहर और सरकारी दफ्तरों स्कूलों की सफाई व्यवस्था को बनाए रखने में लगातार जिम्मेदारी निभाते हैं। लेकिन उनके ही परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा है।सफाई कर्मचारियों ने मांग की कि लंबित वेतन का तत्काल भुगतान कराया जाए और पदोन्नति सहित अन्य लंबित मामलों का भी जल्द निराकरण किया जाए। उनका कहना है कि आश्वासन के बजाय अब उन्हें ठोस कार्रवाई चाहिए।