बढ़े बिजली बिल ने उपभोक्ताओं को सावन में रुलाया, अप्रैल से 4.80 प्रतिशत महंगी दरों का दिख रहा असर,150 यूनिट से ज्यादा खपत पर बढ़ा फिक्स्ड चार्ज
नरेन्द्र राय रायसेन

बढ़े बिजली बिल ने उपभोक्ताओं को सावन में रुलाया, अप्रैल से 4.80 प्रतिशत महंगी दरों का दिख रहा असर,150 यूनिट से ज्यादा खपत पर बढ़ा फिक्स्ड चार्ज, फिक्स्ड चार्ज भी डल रहा असररायसेन।सावन के महीने में जहां लोग बारिश और उमस से राहत के लिए पंखे-कूलर का सहारा ले रहे हैं, वहीं बढ़े हुए बिजली बिलों ने उपभोक्ताओं को पसीना छुड़ा रहे हैं। अप्रैल महीने से लागू हुई नई बिजली दरों का असर अब बिलों में साफ दिखाई देने लगा है। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली टैरिफ में औसतन 4.80% की बढ़ोतरी मंजूर की थी। 150 यूनिट पार होते ही बढ़ता है बोझ….नई दरों का ज्यादा असर 100 से 150 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर दिखाई दे रहा है। बिजली की खपत बढ़ने के साथ ऊर्जा शुल्क के अलावा फिक्स्ड चार्ज भी बिल में जुड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार फिक्स्ड चार्ज 28 रुपए से बढ़कर 30 रुपए प्रति 0.1 किलोवाट किया गया है।अप्रैल से लागू नई दरों का अब दिख रहा असर….विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों द्वारा प्रस्तावित 10.19% बढ़ोतरी के बजाय औसतन 4.80% वृद्धि को मंजूरी दी थी। नई दरों का प्रभाव अप्रैल से शुरू हुआ और बाद के बिलों में उपभोक्ताओं को इसकी बढ़ोतरी महसूस होने लगी। बढ़ी खपत ने बिगाड़ा उपभोक्ताओं के घर का बजट…बारिश के बावजूद उमस के कारण घरों में पंखे, कूलर और अन्य बिजली उपकरण चलने से खपत बढ़ रही है। ऐसे में जिन परिवारों की मासिक खपत 150 यूनिट से ऊपर पहुंच रही है।उन्हें बढ़ी दरों का दोहरा असर महसूस हो रहा है। उपभोक्ताओं रघुवीर लोधी शेर सिंह लोधी, पुरुषोत्तम दांगी ऊधम सिंह मो. कामिल, मोहम्मद सलीम खान रुखसाना बेगम का कहना है कि पहले की तुलना में समान उपयोग के बावजूद बिल अधिक आ रहा है।बिल की बढ़ी राशि से बिगड़ा घर का बजट, छूट का फायदा नहीं मिलने से उपभोक्ता परेशानबिजली उपभोक्ताओं की आपबीती… बिल देखकर बढ़ी चिंता, शिकायतों के बाद भी समाधान का इंतजारबिजली के बढ़े हुए बिलों ने उपभोक्ताओं के घरेलू बजट को बिगाड़ दिया है। सामान्य दिनों में जहां बिजली का बिल कुछ सौ रुपए आता था।वहीं इस बार कई उपभोक्ताओं को अपेक्षा से अधिक राशि के बिल थमा दिए गए। उपभोक्ताओं सुमेश सोनू यादव कपिल शाक्या सोनू कुशवाह,विदोश गुप्ता राजकुमार मीणा का कहना है कि शासन की ओर से दी जा रही छूट और राहत का लाभ भी उन्हें पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है। बिल हाथ में आते ही परिवारों को महीने के खर्च का हिसाब बदलना पड़ रहा है।शहर और आसपास के क्षेत्रों के बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि कम खपत के बावजूद बिल में राशि अधिक दिखाई दे रही है। कई उपभोक्ता बिल सुधार कराने के लिए बिजली कंपनी कार्यालय पाटनदेव के चक्कर लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी समाधान में समय लग रहा है। कुछ उपभोक्ताओं ने मीटर रीडिंग और बिल में दर्ज यूनिट की जांच कराने की मांग की है।उपभोक्ताओं की आपबीती..…उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली बिल में फिक्स चार्ज, खपत की राशि और अन्य शुल्क जुड़ने के बाद कुल भुगतान बढ़ जाता है। वहीं जिन उपभोक्ताओं को किसी योजना के तहत छूट मिलने की उम्मीद थी।उन्हें बिल में अपेक्षित राहत नहीं दिखाई दी। इससे लोगों में नाराजगी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली विभाग को बिल जारी करने से पहले मीटर रीडिंग और पात्रता की जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।क्या कहते हैं अधिकारी…डीजीएम नीरज चौरसिया के अनुसार उपभोक्ताओं के बिल मीटर रीडिंग और दर्ज खपत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। यदि किसी उपभोक्ता को बिल में अधिक राशि, गलत रीडिंग या छूट का लाभ नहीं मिलने की शिकायत है तो वह संबंधित बिजली कार्यालय में आवेदन देकर बिल की जांच करा सकता है। जांच में रीडिंग या बिल में त्रुटि मिलने पर नियमानुसार सुधार किया जाएगा। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से समय पर बिल जमा करने और किसी भी समस्या की स्थिति में विभाग में शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।बिल बढ़ा तो इन सवालों के जवाब कौन देगा?…..उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली बिल सिर्फ एक भुगतान की रसीद नहीं।बल्कि पूरे परिवार के मासिक बजट को प्रभावित करता है। ऐसे में बिल में अचानक बढ़ोतरी होने पर विभाग को उपभोक्ता को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए कि कितनी यूनिट खपत हुई, कौन-कौन से शुल्क जुड़े और छूट का लाभ क्यों नहीं मिला। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि बढ़े हुए बिलों की जांच के लिए शिविर लगाकर मौके पर ही शिकायतों का निराकरण किया जाए।फिक्स्ड चार्ज भी बढ़ा….नए टैरिफ में फिक्स्ड चार्ज बढ़ने से कम खपत वाले उपभोक्ताओं के बिल में भी इसका असर दिखाई दे सकता है। वहीं अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट दर में बदलाव के साथ कुल बिल और बढ़ रहा है। नियामक आयोग ने 100 यूनिट तक के कुछ उपभोक्ता वर्गों को राहत जारी रखी है।अधिकारी बोले- बिल में बढ़ोतरी नियमानुसार।बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टैरिफ आयोग द्वारा निर्धारित दरों के आधार पर ही बिल तैयार किए जा रहे हैं। यदि किसी उपभोक्ता को बिल में असामान्य बढ़ोतरी लगती है तो वह मीटर रीडिंग और बिल की जांच करा सकता है। विभागीय स्तर पर शिकायत मिलने पर उसका परीक्षण कर समाधान किया जा सकता है।एक नजर मेंबिजली दरों में औसतन 4.80% बढ़ोतरी।नई बिजली दरें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लागू।150 यूनिट से अधिक खपत पर असर ज्यादा।फिक्स्ड चार्ज 28 से बढ़कर 30 रुपए प्रति 0.1 किलोवाट।बिजली कंपनियों ने 10.19% बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था, विद्युत नियामक आयोग ने 4.80% मंजूर किया।