TET की अनिवार्यता के विरोध में 12 अगस्त को ज्ञापन देगा अध्यापक शिक्षा संयुक्त मोर्चा

रमाकांत मोरे बुरहानपुर/ शिक्षकों के पक्ष में देशभर में चल रहे विमर्श के बीच आंदोलन तेज करने का निर्णयबुरहानपुर। वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्य किए जाने के विरोध में अध्यापक शिक्षा संयुक्त मोर्चा, जिला बुरहानपुर द्वारा 12 अगस्त को प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। आंदोलन की रणनीति को लेकर सावित्रीबाई फुले उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मोर्चे की बैठक शालिकराम चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शालिकराम चौधरी ने कहा कि शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता के विरोधी नहीं हैं, लेकिन वर्षों पूर्व नियमानुसार नियुक्त होकर लगातार सेवा दे रहे शिक्षकों पर बाद में लागू हुई पात्रता परीक्षा को अनिवार्य करना गंभीर चिंता का विषय है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा TET को अनिवार्य किए जाने के बाद देशभर में इस विषय पर कानूनी एवं सामाजिक विमर्श जारी है। पुनर्विचार याचिकाओं में भी शिक्षकों की प्रमुख आपत्तियों का समाधान नहीं हो सका ।मोर्चे का कहना है कि TET लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति उस समय लागू शैक्षणिक योग्यता एवं भर्ती नियमों के आधार पर हुई थी। ऐसे में वर्षों की सेवा, अनुभव और प्रशिक्षण को नजरअंदाज कर नई पात्रता परीक्षा को सेवा की निरंतरता से जोड़ना न्यायसंगत नहीं है। शिक्षकों का तर्क है कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए अनुभवी शिक्षकों को परीक्षा के दबाव में डालने के बजाय प्रशिक्षण एवं क्षमता-विकास के प्रभावी विकल्प अपनाए जाने चाहिए।मोर्चे ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में इस विषय को लेकर अलग-अलग कानूनी एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण सामने आ रहे हैं। महाराष्ट्र हाईकोर्ट के हालिया निर्णय से भी पूर्व नियुक्त शिक्षकों की स्थिति को लेकर कानूनी विमर्श को बल मिला है। शालिकराम चौधरी ने कहा कि शिक्षक अपनी मांगों के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से निर्णायक संघर्ष करेंगे। 12 अगस्त को ज्ञापन के माध्यम से पूर्व से कार्यरत शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से राहत देने, उनकी वर्षों की सेवा एवं अनुभव को संरक्षण देने तथा न्यायसंगत समाधान की मांग की जाएगी। बैठक में संतोष निंभोरे, अतुल उईके, जयराम निराले, विद्या मेढे, सुनील सातव, राजेन्द्र चौहान एवं प्रह्लाद गवले सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने आंदोलन को और व्यापक बनाने का संकल्प लिया।