सांदीपनि विद्यालय गुना में भव्य समारोह के साथ गुरु पूर्णिमा पखवाड़े का समापन, जिला स्तरीय समारोह में नव नियुक्त शिक्षकों को वितरित किए नियुक्ति पत्र, उत्कृष्ट प्राचार्यों का हुआ सम्मान

सांदीपनि विद्यालय मॉडल गुना में गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के अंतर्गत विगत दिनों आयोजित विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, रचनात्मक, योग, स्वच्छता एवं जागरूकता आधारित गतिविधियों का भव्य समापन समारोह आज दो चरणों में आयोजित किया गया। समारोह का पहला चरण जिला स्तरीय समापन एवं सम्मान समारोह के रूप में आयोजित हुआ, जबकि दूसरे चरण में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के साथ गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया तथा विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।जिला स्तरीय समापन एवं सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में गुना विधायक पन्नालाल शाक्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार ने की। नगर पालिका गुना की अध्यक्ष श्रीमती सविता अरविंद गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में ,नपा उपाध्यक्ष धरम सोनी,भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी अंकुर श्रीवास्तव मंचासीन रहे। इस अवसर पर नगर पालिका गुना के उपाध्यक्ष श्री धरम सोनी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम को जिला स्तरीय स्वरूप प्रदान करते हुए जिले में हाल ही में नियुक्त किए गए प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों को अतिथियों द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। साथ ही गत परीक्षाओं में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले प्राचार्यों का भी विधायक श्री पन्नालाल जी शाह एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा सम्मान किया गया।कार्यक्रम के प्रारंभ में सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य द्वारा स्वागत उद्बोधन दिया गया। उन्होंने सांदीपनि विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के दौरान विद्यालय में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों से अतिथियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पखवाड़े के दौरान विद्यार्थियों में गुरु के प्रति सम्मान, संस्कार, अनुशासन, योग, ध्यान, स्वच्छता, करियर जागरूकता, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतिभाओं के विकास सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सर्वांगीण विकास का प्रयास किया गया।इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष धरम सोनी ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरुओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सविता अरविंद गुप्ता ने अपने उद्बोधन में गुरु के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि गुरु ही विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने बच्चों को संस्कारवान बनने, अपने माता-पिता एवं गुरुओं का सम्मान करने तथा जीवन में अनुशासन और सदाचार को अपनाने की प्रेरणा दी।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार ने सांदीपनि विद्यालय की संकल्पना और उसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन में महर्षि सांदीपनि के आश्रम में शिक्षा ग्रहण करते हुए 64 कलाओं का ज्ञान प्राप्त किया था। सांदीपनि विद्यालयों का उद्देश्य भी विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित न रखते हुए शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न रचनात्मक, व्यावहारिक, सांस्कृतिक एवं कौशल आधारित गतिविधियों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए इस प्रकार की संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव द्वारा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वस्तरीय शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया एवं युवाओं को प्रभावित करने वाली अनुचित गतिविधियों से दूर रहकर अपने अध्ययन, लक्ष्य एवं व्यक्तित्व निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।मुख्य अतिथि गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विभिन्न प्रेरक प्रसंगों एवं कथाओं के माध्यम से अच्छी और बुरी शिक्षा के बीच का अंतर स्पष्ट किया तथा विद्यार्थियों को जीवन में सही मार्ग चुनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार, विवेक और चरित्र का निर्माण करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार की ओर से विद्यालय से जुड़े रहे सेवानिवृत्त शिक्षकों आसिफ खान, केशव दुबे एवं श्री मनोहर सिलावट का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। विद्यालय द्वारा अतिथियों एवं सम्मानित शिक्षकों को स्मृति स्वरूप तुलसी का पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित जीवन का संदेश भी दिया गया।कार्यक्रम के अंत में जिला शिक्षा अधिकारी समर सिंह राठौर ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार के प्रति आभार प्रकट किया। *समापन समारोह के दूसरे चरण में विद्यालय पहुंचे कलेक्टर* गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के समापन समारोह के दूसरे चरण में गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल सांदीपनि विद्यालय पहुंचे। उन्होंने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अपने गुरुओं का स्मरण करते हुए गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।कलेक्टर कन्याल ने विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यार्थियों की रचनात्मक एवं नवाचारपूर्ण प्रतिभाओं की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने तक निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सांदीपनि विद्यालय में उपलब्ध विभिन्न शैक्षणिक, तकनीकी, रचनात्मक एवं अन्य सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह दी।उन्होंने कहा कि आज सांदीपनि विद्यालय के विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं और अवसरों को देखकर अन्य विद्यार्थी भी प्रेरित हो रहे हैं। यह इस बात का संकेत है कि सांदीपनि विद्यालय अपने उद्देश्य की दिशा में प्रभावी रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को पहचानकर उसका विकास करने तथा अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर परिश्रम करने का संदेश दिया।इस अवसर पर विद्यालय में गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों की झलक भी प्रस्तुत की गई। संपूर्ण पखवाड़े में विद्यार्थियों को गुरु के महत्व, संस्कार, अनुशासन, योग एवं ध्यान, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, करियर जागरूकता, खेल, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ते हुए उनके सर्वांगीण विकास का प्रयास किया गया।भव्य समारोह एवं विविध गतिविधियों के साथ सांदीपनि विद्यालय मॉडल गुना में गुरु पूर्णिमा पखवाड़े का गरिमापूर्ण समापन हुआ। पूरे आयोजन ने विद्यार्थियों में गुरुजनों के प्रति सम्मान, संस्कार, अनुशासन और जीवन में निरंतर सीखते रहने की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।