कसरावद में गायत्री शक्तिपीठ पर गायत्री परिवार चेतना केंद्र का हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम


।। रिपोर्टर नवीन रायली रविवार को गायत्री शक्तिपीठ पर गायत्री परिवार चेतना केंद्र कसरावद का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसमें चेतना केंद्र के सभी प्रभारियों सहित नैष्ठिक परिजनों ने भागीदारी की। कार्यक्रम की शुरुआत युग संगीत से हुई। तत्पश्चात अतिथियों द्वारा गुरु गायत्री आह्वान कर दीप प्रज्वलन किया गया। गुरु माता भगवती देवी शर्मा जी के जन्म शताब्दी वर्ष में हुए एक दिवसीय प्रशिक्षण में सभी आंदोलन प्रभारियों ने युग निर्माण संबंधी आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की। सर्वप्रथम चेतना केंद्र समन्वयक मनोज यादव ने स्वागत भाषण दिया तत्पश्चात पिछले डेढ़ माह का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसके बाद युग निर्माण सत्संकल्प के वाचन के साथ ही प्रशिक्षण का विधिवत शुभारंभ हुआ। प्रज्ञा मंडल प्रभारी विश्वास जगदाले ने कहा कि संगठित परिजन ही उच्च स्तरीय भूमिकाएं निभा सकते हैं। इसलिए उन्होंने गांव गांव प्रज्ञा मंडलों के गठन पर जोर दिया।

भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा प्रभारी गजराज सिंह पटेल ने आगामी 03 अक्टूबर को होने जा रही परीक्षा में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को बिठाने की अपील की। गृहे गृहे यज्ञ अभियान प्रमुख राजेश यादव ने प्रति रविवार गांव गांव यज्ञ अभियान चलाकर जनमानस को जोड़ने की बात कही। बाल संस्कारशाला प्रभारी नानसिंह मंडलोई ने हर मोहल्ले में गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों के लिए नि: शुल्क बाल संस्कार शालाएं शुरू करने पर जोर दिया। स्वास्थ्य आंदोलन प्रभारी श्रीमती माधुरी मुकाती ने उपस्थित जनों को जीवन में स्वस्थ रहने के महत्वपूर्ण सूत्र बताए। स्वावलंबन आंदोलन प्रभारी जगदीश पटेल ने युवाओं को स्व रोजगार के माध्यम से जीवन में स्वावलंबी बनने की बात कही। युवा जोड़ो अभियान प्रभारी नरेंद्र कुशवाह ने गांव गांव स्वच्छता और नर्मदा घाटों का सफाई अभियान शुरू करने की बात पर बल दिया। पर्यावरण आंदोलन प्रभारी पवन पटेल ने वृक्षारोपण अभियान के तहत् शमसान घाटों पर वृक्षारोपण कर उन्हें संवारने की बात युवाओं से कही। चेतना केंद्र की महिला संयोजिका लक्ष्मी पटेल ने समर्पण भाव के साथ बहनों से भी भाइयों का हाथ बंटाने की बात कही। गायत्री शक्तिपीठ के प्रबंध ट्रस्टी संजय शर्मा ने संगठन के स्वरूप और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार संगठन की धूरी *हमारे आत्मीय परिजन* ही हैं। कार्यक्रम के अंत में मुख्य वक्ता बी.एल. पटेल ने कार्यकर्ता पाथेय प्रस्तुत किया। उन्होंने ‘लोकसेवियों के लिए दिशाबोध’ पुस्तक के अंश पढ़कर कार्यकर्ताओं को जीवन में अपनाने योग्य सप्तमहाव्रतों की जानकारी दी। प्रशिक्षण शिविर का संचालन युवा संयोजक मनोज यादव ने किया। संगीत संतोष पाटीदार ने प्रस्तुत किया। आभार युवा नरेन्द्र कुशवाह ने माना।