कसरावद नगर के गायत्री शक्तिपीठ पर हुआ पुरस्कार वितरण समारोह

।। रिपोर्टर नवीन रायली रविवार को स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ पर गायत्री परिवार तहसील संगठन द्वारा वर्ष 2025 में आयोजित हुई भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन हुआ। इसमें तहसील स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राएं, उनके अभिभावक और गुरुजन उपस्थित हुए। सर्वप्रथम युग संगीत के माध्यम से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। तत्पश्चात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और देव पूजन कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया गया। तहसील संयोजक सुरेश चंद्र यादव ने स्वागत भाषण के माध्यम से सबका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा के साथ विद्या भी जरूरी है। उन्होंने बच्चों से हमेशा आशावादी दृष्टिकोण अपनाए जाने की बात कही। परीक्षा के तहसील संयोजक गजराज सिंह पटेल ने परीक्षा का उद्देश्य प्रस्तुत किया। सेवानिवृत्त गायत्री परिजन लोटन सिंह जगदाले ने कहा कि संस्कृति ज्ञान परीक्षा में बैठने से बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार होते हैं। ज्ञान परीक्षा के जिला कोषाध्यक्ष रमेश पाटीदार ने बताया कि बच्चों के नैतिक, बौद्धिक और सर्वांगीण विकास हेतु देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा यह परीक्षा 1994 से निरंतर आयोजित हो रही है। पुरस्कार वितरण समारोह में मैकलसुता स्कूल के शिक्षक हरिओम वर्मा ने बताया कि आज शिक्षा के साथ छात्रों को संस्कारवान बनाना बहुत जरूरी है। एक अच्छा इन्सान बनना ही आज मानव जीवन की बहुमूल्य उपलब्धि है। संत सियाराम इंटरनेशनल स्कूल पीपलगोन के अध्यापक अर्पित जैन ने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा की तैयारी से विद्यार्थियों का चारित्रिक विकास होता है। ग्राम सत्राटी से आए अभिभावक भोलाराम निरगुड़े ने न्यूनतम शुल्क में परीक्षा आयोजित कराने के लिए गायत्री परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। शिक्षिका श्रीमती पदमा वर्मा ने कहा कि शिक्षकों के साथ साथ माता पिता को भी अपने बच्चों की जिम्मेदारी समझनी चाहिए। श्रीमती संध्या पटेल ने कहा कि संस्कृति ज्ञान परीक्षा में भाग लेने से बच्चों का भावनात्मक विकास प्रबल होता है। कार्यक्रम में बालक आदर्श पाटोदा और माही वर्मा ने सुंदर गीत की प्रस्तुति दी वहीं बालिका प्रियंका वासुली ने परीक्षा के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जिला सह समन्वयक योगेश पाटीदार ने बच्चों के सर्वांगीण विकास पर प्रभावी चिंतन दिया। उन्होंने उपस्थित अभिभावकों से एंड्रॉयड स्मार्टफोन के जमाने में बच्चों को मोबाइल का सदुपयोग सिखाने के साथ ही उन्हें चरित्रवान और गुणगान बनाने पर जोर दिया। योगेश पाटीदार ने बताया कि गायत्री परिवार ने एक परिजन-एक विद्यालय के सिद्धांत को अपनाते हुए इस वर्ष भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में जिले से लगभग 51000 विद्यार्थियों को बिठाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस हेतु उन्होंने उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों से भी सहयोग की भावभरी अपील की। गायत्री शक्तिपीठ के प्रबंध ट्रस्टी संजय शर्मा ने पुरस्कार वितरण संपन्न कराया। इस अवसर पर उन्होंने युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित नवयुग का संविधान सबको पढ़कर सुनाया। संस्कृति ज्ञान परीक्षा में कक्षा 05 से लेकर 12 वीं और कालेज स्तर तक तहसील स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को जिला पदाधिकारियों और गायत्री परिजनों द्वारा प्रशस्ति-पत्र, पुरस्कार राशि और ऋषि प्रसाद के रूप में युग साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया। इस पर भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा आयोजित कराने वाले शिक्षकों का भी साहित्य भेंट कर व्यासपीठ से अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। संगीत संतोष पाटीदार और रामजी पाटीदार ने दिया। संचालन कसरावद चेतना केंद्र समन्वयक मनोज यादव ने किया। आभार प्रदर्शन श्रीमती संध्या पटेल ने किया।