कसरावद नगर के हिंदुओं के आस्था के प्रतीक श्री राम मंदिर का नवनिर्माण शुरू

।। रिपोर्टर नवीन रायली कसरावद नगर के हृदय स्थल पर स्थित नगर के अति प्राचीन श्रीराम मंदिर का नव निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। लगभग 50 लाख से अधिक की लागत से बनने वाले श्रीराम मंदिर राजस्थान के आकर्षक पत्थरों से बनेगा। मंदिर का निर्माण कार्य श्रीराम मंदिर सेवा समिति द्वारा जनसहयोग से कराया जा रहा है। विधि विधान से भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई। निर्माण को लेकर श्रीराम मंदिर सेवा समिति अध्यक्ष मनोज सराफ एवं कोषाध्यक्ष डॉ हेमेन्द्र पाटीदार ने बताया कि नगर का मुख्य श्रीराम मंदिर लगभग 500 साल से अधिक पुराना है, इस प्राचीन मंदिर का समय समय पर निर्माण होता रहा है। वर्तमान में भी मंदिर के गर्भगृह के पीछे हिस्से में नया निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिसमें भगवान का भव्य एवं आकर्षक गर्भगृह बनाया जाएगा। मंदिर का आकर्षक शिखर बनेगा। राजस्थानी पत्थरों से बनेगा मंदिर — मंदिर समिति के सचिव सुधीर सराफ एवं नरेंद्र वराडीया ने बताया कि वर्तमान में स्थित मंदिर के पिछले हिस्से में दान में प्राप्त भूमि पर नव निर्माण कार्य किया जा रहा है। निर्माण के साथ दोनों हिस्सों को एक कर दिया जायेगा।

जिससे मंदिर का स्वरूप भव्य एवं विशाल हो जाएगा। श्रीराम मंदिर का स्वरूप भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए इसे राजस्थान के प्रसिद्ध पिंक सैंड स्टोन पत्थरों से बनाया जा रहा है । इस पत्थर का उपयोग अयोध्या में श्रीराम मंदिर में भी किया गया है। राजस्थान के कारीगरों द्वारा पत्थरों पर नक़्क़ाशी उकेर कर इसे सुंदर स्वरूप में बनाया जाएगा। वर्तमान में आरसीसी से नीचे का बेस तैयार किया जा रहा है। एक परिवार ने दान की भूमि – वर्तमान में स्थित श्रीराम मंदिर के पीछे एक रहवासी मकान को दानदाता परिवार पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सुरेन्द्र पाँचोंटिया परिवार द्वारा खरीद कर मंदिर को दान किया गया। उक्त दान की गई भूमि पर नव निर्माण किया जा रहा है। इससे मंदिर का स्वरूप बड़ा हो जाएगा।दानदाताओं से सहयोग की अपील – मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि 500 साल पुराने प्रभु श्रीराम के मंदिर को भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिय हर संभव प्रयास किया जा रहा है। नगर का हृदय स्थल प्रभु श्रीराम जी का मंदिर जनसहयोग से बनाया जा रहा है। इसमें दानदाता नकद राशि या निर्माण सामग्री आदि किसी भी रूप में अपना सहयोग दे सकते हैं।