कलेक्ट्रेट जनसुनवाई: आरटीई में पढ़ी आदिवासी छात्रा की रोकी टीसी, स्कूल पर अवैध फीस मांगने का आरोप, कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

गुना शहर के श्रीराम कॉलोनी स्थित दयाल पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम के नियमों को ताक पर रखकर एक गरीब आदिवासी छात्रा को प्रताड़ित करने का गंभीर मामला सामने आया है। कक्षा 8वीं उत्तीर्ण करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) मांगने पर स्कूल प्रबंधन द्वारा छात्रा पर जबरन फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। परेशान होकर पीड़ित छात्रा ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाई, जिस पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को तुरंत जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीराम कॉलोनी की निवासी पीड़ित छात्रा सुमोना आदिवासी ने कलेक्ट्रेट में सौंपे अपने शिकायती आवेदन में बताया कि उसने दयाल पब्लिक स्कूल से इसी वर्ष 8वीं कक्षा पास की है। अब आगामी कक्षा में अन्य संस्थान में दाखिला लेने के लिए उसे टीसी की अत्यंत आवश्यकता है। जब वह स्कूल पहुंची, तो संस्था के प्राचार्य ने टीसी देने से साफ मना कर दिया और नियमों के विपरीत पैसों की मांग शुरू कर दी।छात्रा ने बताया कि उसका दाखिला शासन के आरटीई कोटे के तहत हुआ था, जिसके अंतर्गत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों की शिक्षा पूरी तरह निशुल्क होती है। इसके बावजूद प्राचार्य द्वारा पहले पिछली पूरी फीस भरने की बात कही जा रही है, जो कि पूरी तरह अवैध और शासकीय नियमों का खुला उल्लंघन है। स्कूल प्रबंधन के इस अडय़िल और नियम-विरुद्ध रवैये के कारण छात्रा के अगली कक्षा में प्रवेश पर संकट खड़ा हो गया है और उसकी आगे की पढ़ाई अधर में लटक गई है। जनसुनवाई में मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने इसे बेहद संवेदनशीलता से लिया। उन्होंने तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी को इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करने और बिना किसी अवैध शुल्क के छात्रा को तुरंत स्कूल से टीसी दिलवाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं, ताकि बच्ची की शिक्षा में कोई व्यवधान न आए।