स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने यातनाएं सहकर मुक्त कराया – राजेन्द्र शुक्ल उपमुख्यमंत्री स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति रजि. मध्यप्रदेश के रीवा में स्वतंत्रता सेनानी सम्मेलन सम्पन्न

रीवा में स्वतंत्रता सेनानी,शहीद एवं उत्तराधिकारी का सम्मेलन सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में अपनी अमिट छाप छोड़ते हुए सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के साथ – साथ जितेन्द्र रघुवंशी राष्ट्रीय महासचिव, कपूर सिंह दलाल राष्ट्रीय संगठन सचिव,सुनील गोपाल दास गुजराती राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आलोक चंसोरिया अध्यक्ष मध्य प्रदेश, राजेश सिंह अध्यक्ष उत्तर प्रदेश, परमजीतसिंह टिवाना अध्यक्ष पंजाब, डॉक्टर ज्योति सिंह अध्यक्ष मातृशक्ति, आदित्य रघुवंशी अध्यक्ष राष्ट्रीय युवा मंच,मृगांक शेखर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का स्वागत कार्यक्रम के संयोजक डॉक्टर राजा भैया मिश्रा, सहसंयोजक प्रसन्न परिहार, ममता पांडे पूर्व महापौर सतना एवं श्रीमती प्रतिभा पांडे द्वारा किया गया।**कार्यक्रम में संबोधित करते हुवे जितेंद्र रघुवंशी ने कहां की हम आभारी हैं। प्रधानमंत्री के जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों का भारत बनाने का संकल्प लाल किले की प्राचीन से उद्घोषणा कर किया है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान तथा उनके परिवारों की अस्तित्व की रक्षा के लिए रघुवंशी जी ने संग्राम सेनानियों के निधन के बाद उनको दी जारी सम्मान निधि पेंशन प्रथम पीढ़ी को उत्तराखंड तथा आसाम सरकार की भांति देने, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारियों को डिजिटल परिचय पत्र देने आसाम, उत्तराखंड,पंजाब की भांति दूसरी तथा तीसरी पीढ़ी को जिलाधिकारी द्वारा दिए गए परिपथ परिचय पत्र के आधार पर शासकीय बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने,स्वतंत्रता संग्राम सेवाननीयों का जीवन परिचय पाठ्यक्रम में शामिल करने ,प्रत्येक जिले में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सदन आसाम के भांति बनाए जाने का कहां। आसाम सरकार की भांति स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारियों को निशुल्क 5 लाख तक के स्वास्थ्य हेतु किसी भी अस्पताल में उपचार करने की सुविधा प्रदान करने का अनुरोध किया ।स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की स्मृति को चिरस्थाई बनाने उनके निवास शहर में मार्गों का नाम रखना, के साथ-साथ प्रत्येक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी के निवास के सामने स्वतंत्रता संगम सेनानी का नाम लिखी हुई उत्तराधिकारी के निवास का पता दर्शाते हुए नाम पट्टीका नगर पालिका की और से लगाने का अनुरोध किया। सुनील गोपालदास गुजराती ने स्वतंत्रता सेनानी परिवारों से अपनी नई पीढ़ी को भारत की आजादी बनायें रखने का में योगदान देने के साथ ही स्वतन्त्रता सेनानी परिवार श्रृंखला की जानकारी जिलाधिकारी कार्यालय में जमा कराने का अनुरोध किया।

कृष्णा राज कपूर ऑटोडोरियम में संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और बलिदान से ही इस देश को आजादी मिली है इसे भुलाया नहीं जा सकता।लाखों देशभक्तों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर परतंत्रता से भारत को मुक्ति दिलाई है। पुर्तगाली,मुगल एवं अंग्रेज भारत की समृद्धि एवं संपदा को लूटने एवं गुलाम बनाने के उद्देश्य से आए थे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अनगिनत यातनाएं सहकर उनका मुकाबला कर हमें आजादी दिलाई है । उनके योगदान को सम्मानित करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।आज उनके परिवारों को यहां सम्मानित कर गौरव का अनुभव हो रहा है। राजेन्द्र शुक्ल ने कहां की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता के 100 वें वर्ष 2047 तक भारत को विश्व गुरु बनाने का संकल्प लिया है । स्वतंत्रता संग्राम सेनानी देश को आजाद बनाने के पश्चात जो चहुमुंखी प्रतिभा का सपना देख रहे थे। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा किया जा रहा है भारत तेजी से प्रगति करता हुआ विश्व के 11वीं अर्थव्यवस्था से चौथे नंबर की अर्थव्यवस्था बन गयाहै। वर्ष 2047 तक स्वतंत्रता संग्राम के सेनानीयों के सपनों का भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। स्वामी विवेकानंद ने 1893 में ही इसकी घोषणा कर दी थी कि 21वीं सदी भारत की होगी।*राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सभी जिलों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी उनके इतिहास से परिचित हो सके। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी 104 वर्षीय भैय्या बहादुर सिंह,उत्तराधिकारी तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील गोपालदास गुजराती, जितेन्द्र सिंह रघुवंशी, कपूरसिंह दलाल एंव स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्वतंत्रता सेनानी परिवार के सदस्य मौजूद रहे।सम्मेलन में संगठन की तरफ से उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें प्रमुख मांगें शामिल थीं: 1. स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, शहीदों के नाम पर सरकारी स्कूल, अस्पताल, मार्गों का नामकरण। 2. सेनानियों के परिजनों को शासन द्वारा परिचय पत्र प्रदान करना। 3. निःशुल्क इलाज की सुविधा। 4. प्रथम पीढ़ी को सम्मान निधि पेंशन देना। 5. सेनानियों की जीवनियों को शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल करना। 6. तीसरी पीढ़ी को शिक्षा, नौकरी आदि में आरक्षण। *उपमुख्यमंत्री ने मांगों पर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।*कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी, वीरांगनायें, उतराधिकारी, सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।