
गुना। राघौगढ़ निवासी समाजसेवी अनिमेष भार्गव को वक्फ बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया है। बफ्फ वोर्ड में पहली बार किसी गैर मुस्लिम को सदस्यता मिली है। यह नियुक्ति ऐतिहासिक मानी जा रही है।
इस उपलब्धि पर अनिमेष भार्गव के इष्ट मित्रों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सभी ने कहा कि यह गुना जिले और राघौगढ़ क्षेत्र के लिए गौरव की बात है ।
बधाई देने वालों में भार्गव ब्राह्मण समाज प्रदेशाध्यक्ष नर्वदा शंकर भार्गव, सनातन सर्व ब्राह्मण समाज के जिलाध्यक्ष आनंद भार्गव, सचिव नरेंद्र भार्गव, सहकोषाध्यक्ष सुनील शर्मा, मिडिया प्रभारी आनंद व्यास, घनश्याम भार्गव जिलाध्यक्ष भार्गव समाज, रामकुमार चौवे, प्रमोद भार्गव, विनोद पटेरिया, अनिल भार्गव, राजेश शर्मा, पी के भार्गव, आकाश भार्गव, अमित भार्गव, मोहनिश भार्गव आदि सामिल है ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने एक अहम प्रशासनिक कदम उठाते हुए संशोधित वक्फ अधिनियम-2025 के तहत नए वक्फ बोर्ड का गठन कर दिया है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। राज्य सरकार ने इस संबंध में राजपत्र (असाधारण) में अधिसूचना जारी कर दी है।
नवगठित 10 सदस्यीय मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल बनाए गए हैं। खास बात यह है कि पहली बार बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम (हिंदू) सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इनमें मनोज मालपानी (इंदौर) और अनिमेश भार्गव (राघौगढ़, गुना) का नाम शामिल है।
संशोधित कानून के तहत हुआ पहला गठन वर्ष 2025 में वक्फ अधिनियम में किए गए संशोधन के बाद यह प्रावधान लागू किया गया कि प्रत्येक राज्य वक्फ बोर्ड में कम से कम दो गैर-मुस्लिम सदस्य शामिल किए जाएंगे। इसी प्रावधान के तहत मध्यप्रदेश ने सबसे पहले नए बोर्ड का गठन कर नई व्यवस्था लागू की है।
राज्य सरकार ने वक्फ अधिनियम-1995 (संशोधित-2025) की धारा 13(1) के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए धारा 14 के प्रावधानों के अनुसार यह बोर्ड गठित किया है।