नाबालिग का अपहरण कर ज्यादती करने वाला 3000 रुपये का इनामी मुख्य आरोपी और सह-आरोपी गिरफ्तार

निसरपुर से गोपाल तेलंगे की रिपोर्ट/ नाबालिग का अपहरण कर ज्यादती करने वाला 3000 रुपये का इनामी मुख्य आरोपी और सह-आरोपी गिरफ्तार, गुजरात से मुक्त कराई गई अपहृता*निसरपुर= जिले की कुक्षी थाना पुलिस और निसरपुर पुलिस चौकी की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक 16 वर्षीय नाबालिग बालिका का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले ₹3000 के इनामी मुख्य आरोपी और उसके एक सह-आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पीड़िता को गुजरात के पाटडी से सकुशल बरामद किया है।*क्या था पूरा मामला?*घटनाक्रम के अनुसार, 20 फरवरी 2026 को ग्राम निसरपुर (बयडीपुरा) निवासी फरियादी ने निसरपुर पुलिस चौकी पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 16 वर्षीय पुत्री 11 फरवरी 2026 की सुबह करीब 8:00 बजे घर से बाहर जाने का कहकर निकली थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तब पुलिस ने कुक्षी थाने में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामला नाबालिग बालिका से जुड़ा होने के कारण धार पुलिस अधीक्षक श्री सचिन शर्मा ने इसे पूरी गंभीरता से लिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विजय डावर और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कुक्षी श्री सुनील गुप्ता के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कुक्षी श्री राजेश यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें चौकी प्रभारी निसरपुर उपनिरीक्षक रवि वास्के और अन्य पुलिस कर्मी शामिल थे।*गुजरात के पाटडी की झोपड़ी से मिली पीड़िता*पुलिस टीम ने स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और निसरपुर से गुजरात मजदूरी के लिए जाने वाले लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखा। इसी दौरान तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस को सूचना मिली कि अपहृता नाबालिग बालिका गुजरात के पाटडी क्षेत्र में मजदूरी करते हुए देखी गई है। सूचना की पुष्टि होते ही निसरपुर चौकी पुलिस की एक टीम पीड़िता के पिता को साथ लेकर तत्काल गुजरात के लिए रवाना हुई। पाटडी में सघन तलाशी के दौरान पुलिस ने एक झोपड़ी से नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया, हालांकि पुलिस को देखकर संदेही आरोपी मौके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।बयानों में खुली आरोपियों की बर्बरता, पॉक्सो एक्ट बढ़ापुलिस टीम पीड़िता को लेकर निसरपुर चौकी आई, जहां महिला उपनिरीक्षक द्वारा पीड़िता के बयान दर्ज किए गए। पीड़िता ने बताया कि आरोपी दीपक भूरिया ने उसे शादी का झांसा दिया और जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपने जीजा आशीष के घर ग्राम दत्तीगांव ले गया। वहां उसने पीड़िता को तीन-चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा और उसकी मर्जी के खिलाफ उसके साथ खोटा काम किया। इसके बाद आरोपी उसे उसी गांव में सुरेश नामक व्यक्ति के घर ले गया और वहां भी तीन-चार दिन रखने के बाद बस के जरिए गुजरात के मोरबी ले गया। मोरबी में आरोपी को भारत नामक एक अन्य सहयोगी मिला, जिसकी मदद से वे बाकानेर पहुंचे। बाकानेर में करीब 15 दिनों तक रखकर आरोपी दीपक ने उसे जबरन अपनी पत्नी बनाकर रखा और उसके साथ लगातार बलात्कार किया।0पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में धाराएं बढ़ाते हुए प्रकरण कड़ी धाराएं लगाई है*दो आरोपी गिरफ्तार, दो अब भी फरार*पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य इनामी आरोपी दीपक और सह-आरोपी आशीष को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। मामले में अभी भी दो अन्य आरोपी सुरेश पिता रूमाल निनामा, निवासी- ग्राम दत्तीगांव, थाना राजगढ तथाभारत पिता गुमान भील, निवासी- ग्राम भीलखेडी, थाना सरदारपुर फरार है जिनकी तलाश जारी है*पुलिस टीम को मिलेगा नकद पुरस्कार*इस चुनौतीपूर्ण मामले का पर्दाफाश करने और आरोपियों को पकड़ने में कुक्षी थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश यादव, निसरपुर चौकी प्रभारी उनि रवि वास्के, धार साइबर प्रभारी उनि प्रशांत गुंजाल, सउनि भुवान चौहान, सउनि थानसिंह जमरा, आरक्षक प्रशांत सिंह (साइबर), आरक्षक शुभम शर्मा (साइबर), आरक्षक सुभाष चौहान, आरक्षक गौरव, आरक्षक रविन्द्र और आरक्षक किशन का विशेष योगदान रहा। इस उल्लेखनीय सफलता के लिए धार पुलिस अधीक्षक श्री सचिन शर्मा द्वारा पूरी पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।