प्रियदर्शिनी पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल, बोरावां मेंप्रतिष्ठित शिक्षाविद् डॉ. भावना कुलश्रेष्ठ के मार्गदर्शन मे शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों से सशक्त बनाने हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

खरगोन/15 जून 2026/, प्रियदर्शिनी पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल, बोरावां में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को नई दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से दो दिवसीय गहन ऑन-साइट प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। दिनांक 13 एवं 14 जून 2026 को आयोजित इस 12 घंटे के प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल छह विषयगत सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विद्यालय के शिक्षकों एवं शैक्षणिक नेतृत्वकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।प्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य प्रशिक्षक देश की प्रतिष्ठित शिक्षाविद् डॉ. भावना कुलश्रेष्ठ रहीं। डॉ. कुलश्रेष्ठ अमिटी इंटरनेशनल स्कूल की पूर्व प्राचार्या हैं तथा सीबीएसई मास्टर ट्रेनर, एनसीटीई मेंटर, शैक्षिक सलाहकार, लेखिका, प्रेरक वक्ता, डिजिटल कंटेंट क्रिएटर, पेरेंटिंग कोच एवं हैप्पीनेस लाइफ कोच के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान रखती हैं। उन्होंने पिछले तीन दशकों में दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), केंद्रीय विद्यालय तथा विश्व भारती जैसे देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में अपनी सेवाएँ प्रदान की हैं। कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर संस्था प्राचार्य डॉ नितिन मिश्रा द्वारा मुख्य प्रशिक्षक डॉ भावना कुलश्रेष्ठ का पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया वहीं संस्था उप प्राचार्य संजेश वर्मा द्वारा आगंतुक अतिथि शिक्षाविद् का विस्तृत परिचय प्रदान कर कार्यशाला को गतिशीलता प्रदान की।प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में सक्रिय अधिगम रणनीतियाँ (Active Learning Strategies), शिक्षण एवं अधिगम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI for Teaching & Learning) तथा जीवन कौशल शिक्षण (Teaching Life Skills) जैसे समकालीन एवं व्यवहारिक विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षक ने शिक्षकों को विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण, तकनीक के प्रभावी उपयोग तथा जीवनोपयोगी कौशलों को कक्षा शिक्षण में समाहित करने के व्यावहारिक उपायों से अवगत कराया।द्वितीय दिवस के सत्रों में उत्कृष्ट विद्यालयी नेतृत्व (Exemplary School Leadership), प्रभावी संप्रेषण कौशल (Effective Communication) तथा अभिभावक–शिक्षक संवाद एवं समन्वय (Parent–Teacher Communication) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान विद्यालय प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक कार्य संस्कृति, प्रभावी संवाद एवं अभिभावकों के साथ सशक्त समन्वय स्थापित करने के व्यावहारिक आयामों पर विशेष बल दिया गया।पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए समूह चर्चा, गतिविधियों एवं व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए।

प्रशिक्षक ने 21वीं सदी की शिक्षा प्रणाली में नवाचार, तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता एवं मानवीय मूल्यों के समन्वय को समय की आवश्यकता बताते हुए शिक्षकों को निरंतर सीखने एवं स्वयं को अद्यतन रखने के लिए प्रेरित किया।संस्था प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री अरुण यादव तथा वरिष्ठ संस्था संचालक संजीत यादव ने अपने संदेश के माध्यम से कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करते हैं तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर सभी सहभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं व्यवहारिक बताते हुए इसकी सराहना की तथा भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।वहीं संस्था वरिष्ठ विभाग समन्वयक चेतन पटेल ने आगंतुक अतिथि शिक्षाविद् का आभार माना।मीडिया प्रभारी