चंबल की लहरों के बीच ‘मन्नत का महातीर्थ ,जहां चौखट चूमते ही दूर होते हैं रोग और गूंजती है किलकारियां

इंदौर/संजय मौर्य/घाटा बिल्लोद/श्रद्धा जब अंगारे पर पैर रखने का हौसला देती है, तो चंबल की उफनती लहरें भी रास्ता दे देती हैं। इंदौर और धार जिले की सीमा को अपनी आगोश में समेटे, चंबल नदी के ठीक बीचो-बीच एक ऐसा दैवीय चमत्कार स्थित है, जिसकी महिमा सुनकर आप भी शीश झुकाने को मजबूर हो जाएंगे। हम बात कर रहे हैं प्राचीन एवं ऐतिहासिक चमत्कारी मंदिर ‘नगर सेन नागराज बाबा (नगराज)’ की।कहा जाता है कि आस्था के इस केंद्र पर आकर आज तक कोई भी खाली हाथ नहीं लौटा। आइए आपको ले चलते हैं इस रहस्यमयी और आस्था के अनूठे केंद्र के सफर पर। *चंबल के सीने पर विराजते हैं नागराज बाबा*इस मंदिर की सबसे अनोखी बात इसकी भौगोलिक स्थिति है। इंदौर-धार सीमा को बांटने वाली पवित्र चंबल नदी के ठीक मध्य में बाबा नगराज का यह दरबार सजा है। वर्ष के 8 महीने यहाँ बाबा की भव्य पूजा-अर्चना होती है और भक्तों का मेला लगा रहता है।*चुनौती पर भारी आस्था*बारिश के दिनों में जब चंबल नदी अपने पूरे उफान पर होती है, तब यहाँ पहुंचना बेहद दुर्गम हो जाता है। भक्तों को दिक्कतों का सामना जरूर करना पड़ता है, लेकिन बाबा के दीवानों के कदम कदम पीछे नहीं हटते। उफनते पानी के बीच भी श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर बाबा के दर्शन के लिए खिंचे चले आते हैं। *सूनी गोद भरती है, गूंजती है किलकारियां*इस ऐतिहासिक मंदिर की ख्याति दूर-दूर तक फैली है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के मुताबिक, यह मंदिर विशेष रूप से उन दंपत्तियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जिनकी गोद सूनी है। कथित तौर पर बताया जाता है कि:यहाँ विशेष रूप से बेटे-बेटियों की मन्नत मांगी जाती है।मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई यह मन्नत कभी अधूरी नहीं रहती। बाबा के द्वार पर आने वाला कोई भी लाचार माता-पिता आज तक खाली हाथ वापस नहीं लौटा।*आस्था का अस्पताल जहां हर बीमारी का होता है आध्यात्मिक इलाज* सूत्रों और यहाँ आने वाले भक्तों से मिली जानकारी के अनुसार, नागराज बाबा का यह दरबार किसी ‘आध्यात्मिक अस्पताल’ से कम नहीं है।भक्तों का अटूट विश्वास है कि जब विज्ञान और दवाइयां हाथ खड़े कर देती हैं, तब बाबा की भभूत और उनका आशीर्वाद काम आता है। किसी भी गंभीर या असाध्य बीमारी के समय श्रद्धालु यहाँ खिंचे चले आते हैं और चमत्कारी रूप से उन्हें स्वास्थ्य लाभ मिलता है।घाटा बिल्लोद का यह ‘नगर सेन नागराज बाबा’ मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लाखों लोगों की उम्मीदों का आखिरी सहारा है। नदी की धारा के बीचो-बीच स्थित यह मंदिर यह साबित करता है कि जहाँ विश्वास अटूट हो, वहाँ परेशानियां खुद-ब-खुद घुटने टेक देती हैं। अगर आप भी अब तक इस चमत्कारी स्थान से अनजान हैं, तो एक बार बाबा के दर पर हाजिरी जरूर लगाएं।