स्वामित्व योजना में निष्पादक बनने को तैयार नहीं 450 पटवारी, 17 सितंबर से विरोध प्रदर्शन जारीबोले- जमीन के विवाद में पटवारी को बनाया जाएगा जिम्मेदार, सरकार को होना चाहिए निष्पादक; 5 निलंबित पटवारियों की बहाली की उठाई मांग

नरेन्द्र राय रायसेन। किसानों को उनकी जमीन का मालिकाना हक, अधिकार दिलाने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वामित्व योजना अब पटवारियों के विरोध के चलते विवादों में घिरती नजर आ रही है। योजना में पटवारियों को निष्पादक बनाए जाने के विरोध प्रदर्शन में मध्यप्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई रायसेन भी गत 17 सितंबर से प्रदेशव्यापी आंदोलन कर रहा है। रायसेन जिले में भी 450 से अधिक पटवारियों ने एमपी सरकार के इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। पटवारी संघ जिला अध्यक्ष गोविंद चौधरी का कहना है कि वे किसानों के हित में हर काम करने को तैयार हैं।लेकिन स्वामित्व योजना में निष्पादक की जिम्मेदारी किसी भी कीमत पर नहीं लेंगे।पटवारी संघ जिला ईकाई का आरोप है कि सरकार बिना उनकी जिम्मेदारियों और भविष्य में होने वाली कानूनी परेशानियों को समझे उन्हें निष्पादक बनाने पर अड़ी हुई है। पटवारियों कमलेश मालवीय बिमलेश तंतवार, डॉली साहू प्रियंका मैडम का तर्क है कि जब किसान के पास पहले से ही जमीन की रजिस्ट्री और स्वामित्व संबंधी दस्तावेज मौजूद हैं, तो दोबारा प्रक्रिया में पटवारी को निष्पादक बनाने का औचित्य क्या है

। यदि भविष्य में जमीन के स्वामित्व को लेकर कोई विवाद या कानूनी मामला सामने आता है।तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पटवारी पर आ सकती है। ऐसे में पटवारी को कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ेंगे।आंदोलन के बीच रायसेन जिले के पांच पटवारियों को निलंबित किए जाने से संघ की नाराजगी और बढ़ गई है। पटवारी संघ ने निलंबित साथियों को तत्काल बहाल करने की मांग की है। पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह चौधरी सहित संगठन के सभी पदाधिकारियों का कहना है कि पटवारी अपनी मांगों को लेकर लगातार आवेदन और ज्ञापन दे रहे हैं। लेकिन प्रदेश की डॉ मोहन सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। यदि निलंबित पटवारियों की बहाली नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पटवारियों ने चेतावनी दी है कि आगे वे अपनी रणनीति के अनुसार काम करेंगे और सरकार के अन्य कार्यों में सहयोग नहीं करने जैसे कदम भी उठा सकते हैं।किसानों के सभी काम करेंगे, लेकिन निष्पादक नहीं बनेंगेजिला उपाध्यक्ष मीना राय ने कहा कि पटवारी सरकार की योजनाओं का लगातार प्रचार-प्रसार करते हैं और किसानों से जुड़े सभी राजस्व कार्य समय पर करने का प्रयास करते हैं। किसान हित में पटवारी हमेशा अपनी जिम्मेदारी निभाते आए हैं, लेकिन ऐसी जिम्मेदारी नहीं ले सकते।

जिसमें भविष्य में उन्हें कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार उनसे निष्पादक की जिम्मेदारी छोड़कर कोई भी अन्य कार्य कराए, पटवारी पूरी निष्ठा से उसे करने के लिए तैयार हैं।वहीं, नाराज पटवारी आनंद सिंह पटेल आनंद गौतम ने कहा कि पांच पटवारियों का निलंबन गलत है। सरकार को तत्काल उनका निलंबन समाप्त कर बहाल करना चाहिए। यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो जिले के सभी पटवारी एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।पटवारी संघ जिला ईकाई रायसेन ने साफ किया है कि जब तक स्वामित्व योजना में निष्पादक की जिम्मेदारी से पटवारियों को मुक्त करने और निलंबित पांच पटवारी साथियों की बहाली की मांग पूरी नहीं होती।तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।