आई मार्शल आर्ट स्पोर्ट्स अकादमी में एशियाई कराते रजत पदक विजेता कल्याणी विश्वकर्मा का गरिमामय सम्मान

छिंदवाड़ा/जुन्नारदेव में जॉर्डन में आयोजित एशियाई कराते चैंपियनशिप के 68 किग्रा से अधिक वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाने वाली अंतरराष्ट्रीय कराते खिलाड़ी एवं सीमा सुरक्षा बल की गौरवशाली खिलाड़ी कल्याणी विश्वकर्मा के अपने ननिहाल जुन्नारदेव आगमन पर आई मार्शल आर्ट स्पोर्ट्स अकादमी द्वारा गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में खिलाड़ियों अभिभावकों एवं खेलप्रेमियों ने उत्साहपूर्वक उनका स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ खिलाड़ियों द्वारा पुष्पवर्षा से किया गया। भारतीय परंपरा के अनुसार कल्याणी विश्वकर्मा का तिलक लगाकर बैज पहनाकर पुष्पगुच्छ शॉल श्रीफल स्मृति चिन्ह एवं मिठाई भेंट कर सम्मान किया गया। अकादमी की ओर से मोबाइल छोड़ो मैदान जोड़ो विषय पर आधारित विशेष चित्रकला भी उन्हें भेंट की गई। इस अवसर पर उनकी माताजी सुनीता विश्वकर्मा एवं मामाजी अनिल विश्वकर्मा का भी सम्मान किया गया।अपने प्रेरणादायी संबोधन में कल्याणी विश्वकर्मा ने कहा कि मेरी खेल यात्रा आत्मरक्षा सीखने के उद्देश्य से प्रारंभ हुई थी जो निरंतर अभ्यास समर्पण और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन से अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों तक पहुँची। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि माता पिता का विश्वास कभी न तोड़ें शिक्षा और खेल में संतुलन बनाए रखें नियमित अभ्यास करें तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।

कराते केवल आत्मरक्षा का माध्यम नहीं बल्कि अनुशासन आत्मविश्वास और व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त साधन है।कार्यक्रम का संचालन आई मार्शल आर्ट स्पोर्ट्स अकादमी के संचालक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं मार्शल आर्ट कोच योगेश रुखमांगद ने किया। उन्होंने कहा कि कल्याणी विश्वकर्मा जैसी खिलाड़ी देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और उनका सम्मान करने का उद्देश्य खिलाड़ियों में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने तथा राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रेरणा देना है।समारोह में अकादमी के उपाध्यक्ष नितिन राजोरिया ने शॉल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया योगेश रुखमांगद एवं सरिता रुखमांगद ने मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर भारतीय सेना में पदस्थ एवं पूर्व कराते एवं मुक्केबाजी खिलाड़ी नितेश राठौर सहित अकादमी के खिलाड़ी अभिभावक एवं नगर के खेलप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।