रायसेन में कांग्रेस का हल्लाबोल: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग, राष्ट्रपति के नाम एसडीएम मनीष शर्मा को सौंपा ज्ञापन,काले कपड़े पहनकर सड़क पर उतरे कांग्रेसी, कामधेनु शॉपिंग कॉम्प्लेक्स परिसर में धरना देकर सागर-भोपाल तिराहे से एसडीएम कार्यालय तक निकाली रैली;एसआईआर में गड़बड़ी और मतदाता सूची में मनमानी के लगाए आरोप

नरेन्द्र राय रायसेन। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में मंगलवार को रायसेन में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने कामधेनु शॉपिंग कॉम्प्लेक्स परिसर में जिला स्तरीय धरना दिया। इसके बाद सागर-भोपाल तिराहे से एसडीएम कार्यालय तक रैली निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काले कपड़े पहनकर तथा सिर माथे और बांहों पर काली पट्टियां बांधकर विरोध जताया।

बाद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एसडीएम मनीष शर्मा को ज्ञापन सौंपकर मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की गई।धरना प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं सिलवानी विधायक देवेंद्र पटेल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता देवेंद्र सिंह पटेल गडरवास, पूर्व कांग्रेस विधायक भगवान सिंह राजपूत बरेली डॉ जीसी गौतम सहित अन्य नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं से लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।मतदाता सूची में पारदर्शिता की कमी का आरोप…

कांग्रेस नेताओं ने एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के दौरान पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। प्रभावित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहा है। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में कथित मनमानी से आम मतदाताओं का चुनाव आयोग के प्रति विश्वास कमजोर हो रहा है। नेताओं ने मांग की कि मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष तरीके से जांच पड़ताल कराई जाए और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।दिल्ली में बड़े आंदोलन की चेतावनी….कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवेंद्र पटेल ने मीडियाकर्मियों से चर्चा में कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस पार्टी लगातार आवाज उठा रही है। लेकिन उनकी आवाज को निकम्मी भाजपा सरकारों में बैठे मंत्रियों सांसद विधायकों द्वारा दबा दी जाती है।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जल्द पद से नहीं हटाया गया तो कांग्रेस दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन करेगी। वहीं, देवेंद्र सिंह पटेल, भगवान सिंह राजपूत, डॉ. देवेंद्र धाकड़, डॉ. जीसी गौतम और राजा नीलमणि शाह ने भी मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने की मांग उठाई। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह सोलंकी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग भी की।रैली में गूंजे वोट चोर, गद्दी छोड़ के नारे….

कामधेनु शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में धरने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सागर-भोपाल तिराहे से एसडीएम कार्यालय तक रैली निकाली। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’, ‘ज्ञानेश कुमार कुर्सी छोड़, हम इस्तीफा दिलाकर रहेंगे’ और ‘वोट चोर, पेपर लीक घोटालेबाज कहां मिलेंगे, भाजपा के दफ्तर में’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को घेरा।रैली और धरना प्रदर्शन में पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय कुमार धाकड़, पूर्व विधायक देवेंद्र सिंह पटेल, डॉ. देवेंद्र धाकड़, डॉ. जीसी गौतम, भगवान सिंह राजपूत, राजा नीलमणि शाह, हकीम उद्दीन मंसूरी, कांग्रेस प्रवक्ता जावेद अहमद खान, मजहर कबीर, संदीप विश्वकर्मा एडवोकेट, राजेंद्र सिंह तोमर, एहतेश्याम बेग, खेमचंद चौरसिया, महेश साहू, लालजी ठाकुर, रामबाबू, कल्याण सिंह लोधी, प्रभात चावला, शशांक धाकड़ और रीतेश मेहरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची की निष्पक्षता और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उनका विरोध जारी रहेगा।