सड़क नहीं तो वोट नहीं: 2500 से ज्यादा मतदाता आज करेंगे जिला पंचायत सदस्य के उपचुनाव का बहिष्कार, दोनों प्रत्याशियों को वोट नहीं देने का फैसला,महू पथरई और सुंड सालेरा के ग्रामीणों में आक्रोश, बोले- जर्जर सड़क ने ली तीन लोगों की जान, 2023 में स्वीकृति के बाद भी नहीं हुआ सड़क निर्माण

नरेन्द्र राय रायसेन….रायसेन। सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने अब अपनी मांग मनवाने के लिए जिला पंचायत सदस्य वार्ड नंबर 3 मेहगांव उप चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। जिला मुख्यालय के समीप ग्राम पंचायत महू पथरई और सुंड सालेरा के करीब 2500 से अधिक मतदाता 29 सितंबर मंगलवार को होने वाले जिला पंचायत सदस्य वार्ड क्रमांक-3 मेहगांव के उपचुनाव में मतदान नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने साफ ऐलान किया है कि जब तक सड़क का निर्माण शुरू नहीं होगा। तब तक वे वोट नहीं डालेंगे। ग्रामीणों ने दोनों प्रत्याशियों पूजा राकेश चौकसे और लक्ष्मण सिंह लोधी भदोरिया को वोट नहीं देने का सामूहिक निर्णय लिया है।

उनका कहना है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण आज भी उन्हें जर्जर और गड्ढों से भरी सड़क पर जान जोखिम में डालकर वाहनों से आवागमन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, बदहाल सड़क के कारण हुए हादसों में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद सड़क निर्माण को लेकर अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।ग्रामीण खलीलुल्लाह, पप्पू ठाकुर, सौदान सिंह, सालेरा निवासी राजेश बघेल, हेमराज बैरागी, जनपद सदस्य दीवान सिंह बैरागी और रामकिशन लोधी का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है। करीब 60 गांवों के लोगों को इस सड़क से आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क स्वीकृत होने के बाद भी निर्माण नहीं होना समझ से परे है। अब दोनों पंचायतों के मतदाता एकजुट होकर जिला पंचायत सदस्य मेहगांव वार्ड तीन के उपचुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक सड़क निर्माण को लेकर जिला प्रशासन कोई ठोस निर्णय नहीं लेता और काम शुरू नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

अब जिला प्रशासन के सामने चुनाव बहिष्कार की चुनौती…करीब 2500 से अधिक मतदाताओं के मतदान बहिष्कार के फैसले ने जिला प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। जहां एक ओर 29 सितंबर मंगलवार को जिला पंचायत सदस्य वार्ड-3 मेहगांव के उपचुनाव के लिए मतदान होना है।वहीं दूसरी ओर ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर मतदान केंद्रों से दूरी बनाने की तैयारी में हैं। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि क्या प्रशासन मतदान से पहले ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर वर्षों से बदहाल सड़क की समस्या के बीच इस मेहगांव जिला पंचायत सदस्य उपचुनाव संपन्न होगा। फिलहाल ग्रामीण अपने फैसले पर अडिग हैं और उनकी एक ही मांग है—पहले सड़क बनाओ, फिर वोट मांगने आओ।2023 में स्वीकृत हुई सड़क, अब तक नहीं हुआ निर्माण..…ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की सड़क वर्ष 2023 में स्वीकृत हो चुकी है, इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होना जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना के तहत सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द ही आवागमन की समस्या से निजात मिल जाएगी। लेकिन सालों बीतने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। गड्ढों से भरी सड़क पर आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों के सामने शिकायतें रखी गईं।लेकिन हर बार जिम्मेदार अधिकारियों के उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले। अब ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर प्रशासन का ध्यान अपनी समस्या की ओर आकर्षित करने का निर्णय लिया है।दोनों प्रत्याशियों को वोट नहीं देने पर अड़े ग्रामीण..

.जिला पंचायत सदस्य वार्ड क्रमांक-3 मेहगांव के उपचुनाव में 20 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। यहां 29 सितंबर को सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक मतदान होना है। जबकि आगामी पांच अक्टूबर को मतगणना होगी।चुनाव मैदान में श्रीमती पूजा राकेश चौकसे चुनाव चिन्ह दो पत्ती और लक्ष्मण सिंह लोधी भदौरिया चुनाव चिन्ह धनुष बाण के बीच मुकाबला है। लेकिन महू पथरई और सुंड सालेरा के ग्रामीणों ने चुनावी मुकाबले से खुद को अलग रखने का फैसला किया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब उनकी बुनियादी समस्या का समाधान ही नहीं हो रहा है तो वे चुनाव में मतदान क्यों करें। उनका विरोध किसी एक प्रत्याशी के खिलाफ नहीं।बल्कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की अनदेखी के खिलाफ है। ग्रामीणों ने एकजुट होकर फैसला किया है कि सड़क निर्माण को लेकर ठोस कार्रवाई होने तक वे मतदान से दूर रहेंगे।अब प्रशासन के सामने बहिष्कार की चुनौतीकरीब 2500 से अधिक मतदाताओं के मतदान बहिष्कार के फैसले ने जिला प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। एक ओर 29 सितंबर को जिला पंचायत सदस्य वार्ड-3 के उपचुनाव के लिए मतदान होना है,

वहीं दूसरी ओर ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर मतदान केंद्रों से दूरी बनाने की तैयारी में हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन मतदान से पहले ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर वर्षों से बदहाल सड़क की समस्या के बीच उपचुनाव संपन्न होगा। फिलहाल ग्रामीण अपने फैसले पर अडिग हैं और उनकी एक ही मांग है—पहले सड़क बनाओ, फिर वोट मांगने आओ।दोनों गांवों में निकाली रैली….सालेरा और महू पथरई दोनों पंचायतों में जागरूक नागरिकों द्वारा जन जागरूकता रैली निकाली। साथ ही ग्रामीणों द्वारा रोड नहीं तो… वोट नहीं के जमकर नारेबाजी की। उन्होंने घर घर जाकर यह अपील की कि 29 सितंबर मंगलवार को होने जा रहे जिला पंचायत सदस्य वार्ड तीन मेहगांव के उपचुनाव में दोनों उम्मीदवारों को मतदान नहीं करने के मुद्दे पर जोर दिया गया।