रायसेन में देर रात तक गूंजे गणपति बप्पा मोरया के जयकारे: 10 दिन बाद भक्तों ने गणपति बप्पा को दी नम आंखों से विदाई, कलेक्टर-एसपी ने की भगवान गजानन की पूजन आरती, गणेश उत्सव झांकी समितियों के अध्यक्षों का शील्ड प्रशंसा पत्र देकर किया सम्मान

नरेन्द्र राय रायसेन रायसेन। रायसेन शहर में इस बार बजाय दस दिनों के बारह दिन तक गौरी नंदन गणेश की प्रतिमाएं आकर्षक झांकी पंडालों में भक्तों द्वारा पूरे धार्मिक विधि विधान से विराजित कर उनकी आराधना की। शुक्रवार को भक्तों ने प्रथम पूज्य भगवान गणेश को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ… जयकारों के साथ रायसेन में शुक्रवार को गणेश प्रतिमाओं का भव्य विसर्जन चल समारोह निकला। अनंत चतुर्दशी के पावन मौके पर शाम से शुरू हुआ समारोह देर रात करीब 2 बजे तक चलता रहा। इसके पश्चात 10 दिनों तक भक्तों के बीच विराजे गणपति बप्पा को नम आंखों से विदाई दी गई।शाम करीब सात बजे शहर के महामाया चौक परिसर में अनंत चतुर्दशी एवं गणेश झांकी की प्रतिमाओ और गणेशोत्सव समितियों को शील्ड प्रमाण पत्र आदि देकर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। श्री हिंदू उत्सव समिति रायसेन द्वारा शहर के महामाया चौक में गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। इसके मुख्य अतिथि कलेक्टर अरूण विश्वकर्मा, विशेष अतिथि एसपी आशुतोष गुप्ता, नपाध्यक्ष सविता जमना सेन, धर्मगुरू पंडित रमेश गोपाल चतुर्वेदी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष रवि खत्री द्वारा की गई। इसके अलावा मंच पर श्री हिउस के पूर्व अध्यक्ष पंडित कृष्ण मोहन चतुर्वेदी कन्हैया सूरमा मनीष बंटी माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।मंचासीन अतिथियों का अध्यक्ष रवि खत्री द्वारा फूलमालाओं से जोरदार स्वागत कर अनंत चतुर्दशी की हार्दिक बधाई दी।इस गरिमामय गणेश झांकी के अध्यक्षों का शील्ड प्रशंसा पत्र देकर बारी बारी से लगभग 45 से ज्यादा मे शहर की अलग-अलग कॉलोनियों और गली मोहल्लों की गणेश झांकी समितियों के पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा डोल ग्यारस के विमान अध्यक्षों मंदिरों के पुजारियों सहित बिजली कंपनी द्वारा बेहतर लाइट व्यवस्था सप्लाई, गणेश झांकियों के पंडालों की साफ सफाई व्यवस्था रखने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों कर्मचारियों का भी सम्मानित किया गया।बिजली रोशनी से सजावट सभी गणेश झांकियों का चल समारोह महामाया चौक से ढोल नगाड़ों डीजे ताशो के साथ शुरू हुई। सभी गणेश झांकियां लाइट डेकोरेशन फूल-मालाओं और आकर्षक सजावट से सजी थीं। बड़ी-बड़ी गौरी नंदन भगवान गणेश प्रतिमाओं को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रखकर ले जाया जा रहा था। डीजे पर भक्ति गीत बज रहे थे और युवा रंग गुलाल उड़ाते हुए झूमते नाचते हुए चल रहे थे। इस मौके पर गणेश झांकियों को एक पल निहारने सड़क के दोनों तरफ भारी जनसैलाब उमड़ा। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को संभालने पुलिस बल अलग से पुलिस टीमें बुलाई गई थी कलेक्टर-एसपी ने उतारी आरती…चल समारोह जब सागर भोपाल रोड तिराहे स्थित मुख्य मंच पर पहुंचा ।तो वहां कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा और एसपी आशुतोष गुप्ता ने भगवान गणेश की पूजा अर्चना कर आरती उतारी। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने सभी झांकी समितियों को शांतिपूर्ण तरीके से उत्सव मनाने के लिए सम्मानित किया। समितियों को शील्ड और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि रायसेन का गणेश उत्सव पूरे जिले में एकता और सौहार्द का बेमिसाल उदाहरण है। इस दस दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में भारतीयों को संगठित करने के लिए गोपाल कृष्ण गोखले द्वारा मुंबई से की थी। तभी से गणेशोत्सव मनाने की परंपरा देशभर में कायम है।जगह-जगह हुआ गणेश झांकियों का फूल बरसाकर स्वागत…गणेश झांकियों के इस गरिमामय गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन चल समारोह पर जगह जगह व्यापारियों सामाजिक संगठनों के मंचों से फूल बरसाकर अभूतपूर्व स्वागत किया गया। यह चल समारोह गंज बाजार श्रीराम लीला गेट, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी प्रतिमा, नपा कार्यालय भवन, भारत माता चौराहे जिला अस्पताल चौराहा, कोतवाली रोड होते हुए विसर्जन स्थल बेतवा नदी जाखा पुल पग्नेश्वर स्थित बेतवा नदी घाट पहुंच समापनहुआ ।पूरे रास्ते में नागरिकों ने जगह-जगह आरती उतारी और गणेश प्रतिमाओं पर फूल बरसाए। महिलाओं ने घरों के सामने रंगोली सजाई। बच्चे हाथों में छोटे-छोटे झंडे लेकर गणपति के जयकारे लगा रहे थे।कृत्रिम कुंड में हुआ छोटी गणेश मूर्तियों का विसर्जन…जिला व पुलिस प्रशासन ने छोटी गणेश मूर्तियों के विसर्जन के लिए विशेष इंतजाम किए थे। शहर के मिश्र तालाब घाट पर नगर पालिका परिषद द्वारा बनाए गए कृत्रिम जल कुंड में क्रेन की मदद से प्रतिमाओं का विसर्जन कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए तालाब घाटों पर पुलिस बल, होमगार्ड के जवान और गोताखोरों की टीम तैनात रही। नगर पालिका ने लगातार पानी का स्तर बनाए रखा और लाइट की पुख्ता व्यवस्था भी की।