छात्रावास से सुबह लापता हुई छात्रा, शाम 5 बजे पिता को दी सूचना,पिता का आरोप- दोपहर में फोन करने पर भी बेटी से नहीं कराई बात, बीमार होने की जानकारी भी परिवार से छिपाई; परिजनों द्वारा एसडीएम अलका सिंह को दिया आवेदन,छात्रावास अधीक्षिका पर कार्रवाई की मांग

नरेन्द्र राय रायसेन रायसेन/सिलवानी। जमुनिया बालिका छात्रावास में रहने वाली एक गरीब छात्रा के अचानक लापता होने के मामले में छात्रावास प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। छात्रा के पिता अरविंद आदिवासी निवासी ग्राम नकटूआ, तहसील सिलवानी ने संबंधित अधिकारी सहित सिलवानी एसडीएम अलका सिंह को शिकायत देकर छात्रावास की अधीक्षिका पर गंभीर लापरवाही और कर्तव्य में चूक के आरोप लगाए हैं। उन्होंने हॉस्टल अधीक्षिका को निलंबित कर जांच एवं कठोर कार्रवाई की मांग की है।शिकायत के अनुसार 22 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे उनकी बेटी जमुनिया बालिका छात्रावास से अचानक लापता हो गई। पिता का आरोप है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद छात्रावास की अधीक्षिका ने उन्हें तत्काल सूचना नहीं दी। अरविंद आदिवासी के मुताबिक उन्होंने दोपहर करीब 3 बजे छात्रावास में फोन कर बेटी से बात कराने को कहा था।लेकिन उस समय भी उनसे बेटी की बात नहीं कराई गई। उन्हें बाद में बात कराने की बात कहकर टाल दिया गया।पिता अरविंद के अनुसार शाम करीब 5 बजे छात्रावास की अधीक्षिका ने फोन कर बताया कि उनकी बेटी छात्रावास से लापता हो गई है। इसके बाद घटना की जानकारी मिलने पर उन्हें थाने बुलाया गया। वहां पहुंचने पर उन्होंने बेटी की हालत खराब देखी।

इसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। आदिवासी बालिका को देखने के लिए आदिवासी समाज के वरिष्ठ समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता कुंवर धर्मवीर सिंह चुनहेटिया पहुंचे। बीमारी बालिका के स्वास्थ्य की जानकारी डॉक्टरों से ली।मानसिक स्थिति को लेकर भी सवाल….शिकायत में छात्रा के पिता अरविंद सिंह ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में छात्रावास की अधीक्षिका ने उनकी बेटी की मानसिक स्थिति खराब होने की बात कही। पिता का कहना है कि उनकी बेटी सामान्य अवस्था में है और उसे किसी प्रकार की मानसिक बीमारी या मानसिक समस्या नहीं है। उन्होंने छात्रा की मानसिक स्थिति के संबंध में दी गई जानकारी की भी जांच कराने की मांग की है।दो-तीन दिन से थी बुखार, परिवार को नहीं बताया…पिता ने शिकायत में यह भी कहा है कि घटना से पहले उनकी बेटी करीब दो-तीन दिन से बुखार से पीड़ित थी। इसकी जानकारी छात्रावास की अधीक्षिका ने उन्हें या परिवार के किसी सदस्य को मोबाइल फोन पर क्यों नहीं दी। उनका कहना है कि यदि समय पर सूचना मिल जाती तो वे बेटी को उचित चिकित्सकीय उपचार दिला सकते थे।बिना चिकित्सकीय परामर्श दवा देने का आरोप…शिकायत में छात्रा के पिता अरविंद ने बेटी से मिली जानकारी के आधार पर आरोप लगाया है कि छात्रावास अधीक्षिका ने अपनी मनमर्जी से उसे कोई गोली या इस दवा दी थी। इसके बाद उसकी तबीयत और अधिक खराब होने की बात सामने आई। पिता ने मांग की है कि छात्रा को कौन-सी दवा दी गई। किस कारण से दी गई और क्या वह चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर दी गई थी, इसकी जांच की जाए।पिता ने कहा है कि छात्रावास में रहने वाली बालिकाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी छात्रावास प्रबंधन एवं अधीक्षिका की होती है। ऐसे में छात्रा के लापता होने, बीमारी की जानकारी परिवार को नहीं देने और उपचार संबंधी मामले में कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।इनका कहना है…उचेहरा जमुनिया के आदिवासी बालिका छात्रावास में लापरवाही सामने आई है। छात्रावास अधीक्षिका के विरुद्ध कड़ा एक्शन लिया जाएगा। अलका सिंह एसडीएम सिलवानी