सांझा चूल्हा समूहों के 8 माह से लंबित भुगतान को लेकर सोण्डवा में उठी आवाज

।SJ NEWS MP से आलीराजपुर जिला ब्यूरो मोहसिन मंसूरी कि खबर।आलीराजपुर (सोण्डवा) – आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों को नियमित रूप से नाश्ता एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने वाले सांझा चूल्हा (मध्याह्न भोजन) समूहों के लंबित भुगतान एवं संचालन में आ रही समस्याओं को लेकर आज सोण्डवा ब्लॉक के समूह संचालकों, अध्यक्ष एवं सचिवों ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।समूह संचालकों ने बताया कि पिछले लगभग 8 माह से मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि का भुगतान लंबित है। इसके कारण बाजार से खाद्य सामग्री उधार लेकर व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है तथा समूह संचालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि जब संचालन के लिए समय पर राशि और आवश्यक खाद्यान्न उपलब्ध नहीं होगा, तो बच्चों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना कठिन हो जाएगा।समूहों की ओर से THR (टेक होम राशन) को लेकर भी समस्या बताई गई। आंगनवाड़ी केन्द्रों पर THR वितरण के लिए आवश्यक गेहूं उपलब्ध नहीं होने तथा राशि प्राप्त नहीं होने से हितग्राहियों को समय पर पोषण आहार उपलब्ध कराने में परेशानी आ रही है।इसके अलावा बढ़ती महंगाई के अनुपात में भोजन संचालन के लिए मिलने वाली राशि कम होने, सांझा चूल्हा में कार्यरत रसोइयों के मानदेय के लंबित होने तथा भुगतान में लगातार देरी जैसी समस्याएं भी अधिकारियों के सामने रखी गईं। समूह संचालकों ने मांग की कि शासन द्वारा हर माह समय पर राशि एवं आवश्यक खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए, ताकि व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके।इस संबंध में समूह संचालकों ने परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना सोण्डवा श्रीमती मनीषा चौबे से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं।

परियोजना अधिकारी ने लंबित राशि के संबंध में शीघ्र कार्रवाई एवं राशि जमा होने की बात कही।इसके बाद समूह संचालकों ने अनुविभागीय अधिकारी, सोण्डवा के नाम तहसीलदार हीरालाल एसके को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की।इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के जिलामंत्री धनसिंह कनेश ने कहा कि सांझा चूल्हा समूह बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। समूहों को संचालन के लिए समय पर राशि एवं खाद्यान्न उपलब्ध कराना शासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लगातार आठ माह तक भुगतान लंबित रहने से समूह संचालकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया तो समूह संचालकों के सामने मजबूरी में भोजन संचालन रोकने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।धनसिंह कनेश ने शासन एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की कि बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए लंबित भुगतान तत्काल जारी किया जाए तथा भविष्य में सांझा चूल्हा समूहों को हर माह समय पर राशि एवं खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए।— धनसिंह कनेशजिलामंत्री, भारतीय मजदूर संघ (BMS)
