श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन, कृष्ण विवाह महोत्सव में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ गांव गुटोरी मेंबाल लीलाओं के वर्णन पर भावविभोर हुए भक्त,

नरेन्द्र राय रायसेन रायसेन। सिलवानी के गांव गुटोरी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन रविवार को भगवान श्रीकृष्ण विवाह महोत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। कथा वाचक पंडित आशुतोष उपाध्याय महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।कथा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, नामकरण संस्कार, नंद बाबा के घर बाल लीलाओं और गोपाल सखाओं के साथ माखन चोरी की लीलाओं का वर्णन किया गया। मैया यशोदा और बाल कृष्ण के वात्सल्य प्रेम का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा वाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं प्रेम, सरलता और वात्सल्य का संदेश देती हैं।कृष्ण विवाह महोत्सव में दिखा उत्साहकथा के पांचवें दिवस श्रीकृष्ण विवाह महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। भजन-कीर्तन और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से कथा स्थल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने विवाह महोत्सव में सहभागिता कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया।गोदान की महिमा बताईकथा के दौरान गोदान और सनातन परंपरा में गौ माता के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

कथा वाचक ने गौ सेवा को धार्मिक आस्था के साथ-साथ सेवा और संस्कार की परंपरा से जोड़ते हुए श्रद्धालुओं को इसके महत्व की जानकारी दी।भाजपा मंडल अध्यक्ष पप्पू ठाकुर ने भी कथा स्थल पर पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया और धार्मिक आयोजन में सहभागिता की। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की।उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने वाला माध्यम है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेम, सत्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। कथा श्रवण से मन को शांति और जीवन को नई दिशा मिलती है।आयोजन में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान गांव गुटोरी का वातावरण भक्ति और आध्यात्मिकता से सराबोर रहा।