जेआईटी बोरावां में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 का इंटरनल हैकेथॉन संपन्न

। रिपोर्टर नवीन रायली 54 टीमों के 300 से अधिक विद्यार्थियों ने दिखाई नवाचार और तकनीकी दक्षताजवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बोरावां में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 के अंतर्गत इंटरनल हैकेथॉन का सफल आयोजन किया गया। इसमें संस्था की 54 टीमों के 300 से अधिक विद्यार्थियों’’ ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और भारत सरकार द्वारा स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 के लिए निर्धारित समस्याओं में से 35 से अधिक समस्या विवरणों पर अपने नवाचारी एवं तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए।हैकेथॉन का उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन से जुड़ी समस्याओं को तकनीकी दृष्टिकोण से समझने, टीम के रूप में समाधान विकसित करने तथा अपने विचारों को व्यवहारिक मॉडल एवं प्रोटोटाइप के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करना रहा। विद्यार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित समस्या विवरणों पर कार्य करते हुए अपनी रचनात्मक सोच, तकनीकी दक्षता, टीम भावना और समस्या समाधान क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया।हैकेथॉन के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन नवाचार, समस्या की समझ, तकनीकी व्यवहार्यता, समाधान की उपयोगिता तथा प्रस्तुतीकरण सहित विभिन्न मानकों के आधार पर किया गया।

निर्णायकों ने प्रतिभागी विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट्स के संबंध में विस्तार से चर्चा की तथा समाधानों को और अधिक प्रभावी एवं व्यवहारिक बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।शीर्ष तीन टीमों ने बनाई जगह – मिले नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्रकड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच संस्था के विद्यार्थियों की शीर्ष तीन टीमों ने अपने नवाचार और तकनीकी समाधान के आधार पर स्थान प्राप्त किया।प्रथम स्थान पर श्रेया लाड़ सहित 5 सदस्यों की टीम टेक-फ्लक्स रही वहीं द्वितीय स्थान पर वैशाली वर्मा की टीम न्यूरो-नेस्ट रही वहीं तृतीय स्थान पर दो टीमें नेक्सजेन कोडर एवं एग्री नेक्सस रही । विजेताओं को संस्था की ओर से प्रोत्साहन स्वरूप नगद राशि एवं प्रमाण पत्र प्रदान किये ।विजेता टीमों के साथ अन्य प्रतिभागी टीमों ने भी अपने प्रोजेक्ट्स एवं नवाचारी विचारों से प्रभावशाली प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत समाधानों में तकनीक के माध्यम से वास्तविक समस्याओं के समाधान की दिशा में किए गए प्रयास स्पष्ट रूप से दिखाई दिए।प्रतिष्ठित कंपनियों में सेवारत जेआयटी के पूर्व विद्यार्थियों ने किया मूल्यांकनहैकाथॉन के निर्णायक मंडल में सुधीर धंगर, विशेषज्ञ प्रोग्रामर-एल 2, इन्फोसिस; ब्रजेश महाजन, वरिष्ठ सॉफ्टवेयर इंजीनियर, टेक सिस्टम्स; धु्रव गोले, सलाहकार, डेलॉइट; डॉ. संजय चौहान, प्रमुख-आईक्यूएसी तथा डॉ. संतोष पवार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, निमाड़ इन्क्यूबेशन सेंटर’’ शामिल रहे।आयोजन की विशेष बात यह रही कि सुधीर धनंगर, ब्रजेश महाजन एवं धु्रव गोले जेआईटी के 2021 बैच के पूर्व विद्यार्थी हैं। वहीं ब्रजेश महाजन एवं धु्रव गोले स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2019 की विजेता टीम के सदस्य भी रह चुके हैं। अपने ही संस्थान में आयोजित हैकाथॉन में निर्णायक के रूप में शामिल होकर पूर्व विद्यार्थियों ने वर्तमान विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन करने के साथ ही उन्हें अपने अनुभवों और तकनीकी सुझावों से मार्गदर्शन प्रदान किया।प्राचार्य डॉ. उपाध्याय ने कहा – वास्तविक समस्याओं पर काम करना सीखें विद्यार्थीइस अवसर पर जेआईटी के प्राचार्य ’’डॉ. अतुल उपाध्याय’’ ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी तकनीकी वातावरण में विद्यार्थियों के लिए केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं पर काम करते हुए अपने ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग करना सीखना आवश्यक है। उन्होंने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जैसे आयोजनों को विद्यार्थियों की नवाचार क्षमता, रचनात्मक सोच और तकनीकी प्रतिभा को मंच प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया।डीन एकेडमिक डॉ. सुनील सुगंधी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, टीमवर्क, शोध एवं समस्या समाधान की क्षमता’’ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि हैकाथॉन के दौरान प्राप्त व्यावहारिक अनुभव उनके आगामी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक जीवन में उपयोगी सिद्ध होंगे।नवाचार की संस्कृति को मजबूत कर रहा जेआईटीस्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 के ’’संस्थान स्तरीय समन्वयक एवं प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी नितिन नामदेव’’ ने कहा कि 54 टीमों और 300 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता जेआईटी में नवाचार एवं तकनीक आधारित समस्या समाधान की बढ़ती संस्कृति को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि हैकाथॉन का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को ’’सोचने, समाधान विकसित करने, उसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने तथा विशेषज्ञों से सीखने का व्यावहारिक अनुभव’’ प्रदान करना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है।आयोजन को सफल बनाने में आईक्यूएसी, निमाड़ इन्क्यूबेशन सेंटर, विभिन्न विभागों के संकाय समन्वयकों एवं आयोजन टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। हैकाथॉन के ’’संकाय समन्वयक अभय मूॅदड़ा एवं विजय यादव ने आयोजन की व्यवस्थाओं एवं विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस आयोजन में संस्था के सभी विभागाध्यक्षों ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, निर्णायकों, संकाय सदस्यों एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं और विद्यार्थियों को भविष्य में भी नवाचार एवं तकनीकी क्षेत्र में नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया।पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरूण यादव ने प्रतिभागी विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएॅपूर्व केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री अरूण यादव ने जेआयटी इंटरनल हैकेथॉन में प्रतिभागी एवं विजेता टीमों को अपने संदेश में बधाई एवं अगले चरण के लिए शुभकामनाएॅ प्रेषित की