रायसेन नेशनल लोक अदालत में 3796 प्रकरणों का निराकरणनेशनल लोक अदालत में 3796 प्रकरणों का निराकरण, 14.70 करोड़ की समझौता राशि तय23 खंडपीठों ने आपसी सहमति से सुलझाए 707 लंबित और 3089 प्री-लिटिगेशन केस, 4930 लोगों को मिला लाभ

नरेन्द्र राय रायसेन। जिला मुख्यालय से लेकर तहसील न्यायालयों तक शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में लंबित मामलों को आपसी सहमति से निपटाने का अभियान चला। एक ही दिन में 3796 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन मामलों में कुल 14 करोड़ 70 लाख 38 हजार 594 रुपए की समझौता राशि निर्धारित हुई। लोक अदालत के फैसलों से जिले के 4930 पक्षकारों को सीधे लाभ मिला।राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश पर वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला मुख्यालय रायसेन सहित जिले की सभी तहसील न्यायालयों में किया गया।23 खंडपीठों ने सुने मामलेलोक अदालत में राजीनामा योग्य प्रकरणों के शीघ्र और सौहार्दपूर्ण निराकरण के लिए जिले में कुल 23 खंडपीठों का गठन किया गया था। इनमें जिला मुख्यालय पर 6 और तहसील न्यायालयों में 17 खंडपीठें बनाई गई थीं। इन खंडपीठों के समक्ष न्यायालयों में लंबित 707 प्रकरण तथा 3089 प्री-लिटिगेशन प्रकरण रखे गए। दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 3796 मामलों का आपसी सहमति से निराकरण हुआ।शुभारंभ में न्यायिक अधिकारी और विभागीय अधिकारी रहे मौजूदजिला मुख्यालय रायसेन में लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार सोहाने ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय अरविंद जैन सहित जिला न्यायालय के अन्य न्यायिक अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव हर्षिनी यादव, जिला विधिक सहायता अधिकारी बीएम सिंह, जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष संघर्ष शर्मा पूर्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनयकांत चतुर्वेदी एडवोकेट सहित अधिवक्ता और पक्षकार मौजूद रहे।विद्युत विभाग, नगर पालिका, बीएसएनएल और विभिन्न बैंकों के अधिकारी भी लोक अदालत में शामिल हुए। मामलों के समझौते के लिए पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने का अवसर दिया गया।नतीजा: 3796 मामलों के निराकरण के साथ न केवल पक्षकारों को लंबे न्यायिक विवाद से राहत मिली, बल्कि करोड़ों रुपए की समझौता राशि भी निर्धारित हुई।