संत पंडित कमलकिशोर नागर को धमकी भरे संदेश की महेश पटेल ने की कड़ी निंदाप्रशासन से शीघ्र जांच कर दोषी की गिरफ्तारी की मांग

अलीराजपुर। आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने पूजनीय संत एवं प्रसिद्ध धर्मगुरु पंडित कमलकिशोर नागर जी को धमकी भरा संदेश भेजे जाने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे अत्यंत गंभीर, निंदनीय एवं धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।महेश पटेल ने कहा कि संत पंडित कमलकिशोर नागर जी देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं। हमारे आदिवासी अंचल क्षेत्र में भी उनके प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा और आस्था है। वे समाज को धर्म, संस्कार, सद्भाव और मानवता का संदेश देते रहे हैं। ऐसे पूजनीय संत एवं धर्मगुरु को धमकी भरा संदेश भेजना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है और समाज में गलत संदेश देने वाला कृत्य है।उन्होंने कहा कि संत-महात्मा एवं धर्मगुरु समाज को एकजुट करने और लोगों को सही मार्ग दिखाने का कार्य करते हैं। उनके प्रति किसी भी प्रकार की धमकी, अभद्रता या आपत्तिजनक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस तरह की घटनाएं न केवल संत समाज, बल्कि उनके लाखों अनुयायियों एवं श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को भी आहत करती हैं।महेश पटेल ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि धमकी भरा संदेश भेजने वाले व्यक्ति की शीघ्र पहचान की जाए और मामले की निष्पक्ष एवं गंभीरता से जांच की जाए। दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करते हुए उसे जल्द गिरफ्तार किया जाए।उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। यदि इस प्रकार की घटनाओं पर समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ सकता है।महेश पटेल ने कहा कि संतों और धर्मगुरुओं का सम्मान करना हमारी संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेकर किसी पूजनीय संत या धर्मगुरु को धमकाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार का कृत्य करने का दुस्साहस न कर सके।