पुराने स्कूल भवन को बिना अनुमति तुड़वाया, बाउंड्रीवाल में लगाई सामग्री; जांच में प्राचार्य दोषी,आयुक्त कार्यालय भेजा प्रतिवेदन, अब विभागीय कार्रवाई का इंतजार; ग्रामीणों ने की निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
नरेन्द्र राय रायसेन रायसेन।

जिले की सिलवानी तहसील के ग्राम साईंखेड़ा स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में पुराने स्कूल भवन को बिना सक्षम अनुमति तुड़वाने और उसकी सामग्री का उपयोग नए स्कूल की बाउंड्रीवाल निर्माण में किए जाने के मामले में प्रशासनिक जांच पड़ताल पूरी हो गई है। जांच में स्कूल की प्राचार्य हेमलता दास को अनियमितता का दोषी पाया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक ने कार्रवाई के लिए जांच प्रतिवेदन लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के आयुक्त कार्यालय भेज दिया है। अब आगे की विभागीय कार्रवाई आयुक्त कार्यालय से होना है।बिना अनुमति भवन तोड़ने की शिकायत….ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि स्कूल के पुराने शासकीय भवन को बिना सक्षम अनुमति के तुड़वाया गया। इसके बाद भवन से निकली ईंटों और अन्य निर्माण सामग्री का उपयोग नए स्कूल की बाउंड्रीवाल निर्माण में किया गया। मामले को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी।ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि स्कूल के पुराने शासकीय भवन को बिना सक्षम अनुमति के तुड़वाया गया। इसके बाद भवन से निकली ईंटों और अन्य निर्माण सामग्री का उपयोग नए स्कूल की बाउंड्रीवाल निर्माण में किया गया। मामले को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी।नोटिस के बाद हुई जांच….शिकायत मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक ने प्राचार्य हेमलता दास को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इसके बाद प्रभारी जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) विनय दीक्षित द्वारा मामले की जांच की गई। जांच में प्राचार्य को अनियमितता का दोषी पाया गया। जांच पूरी होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रतिवेदन अग्रिम विभागीय कार्रवाई के लिए लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त कार्यालय भेज दिया है।आयुक्त कार्यालय के फैसले पर टिकी नजर….जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक ने बताया कि जांच प्रतिवेदन अग्रिम विभागीय कार्रवाई के लिए लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के आयुक्त कार्यालय भेज दिया गया है। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई आयुक्त कार्यालय से होना है। जांच में अनियमितता की पुष्टि होने के बाद संबंधित प्राचार्य के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है। वहीं ग्रामीणों ने दोषियों पर निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद जताई है। जांच प्रतिवेदन उच्च स्तर पर भेजे जाने के बाद अब सभी की निगाहें आयुक्त लोक शिक्षण संचानालय भोपाल के आदेश पर साईंखेड़ा के सरकारी स्कूल में पुराने भवन को बिना अनुमति तुड़वाने का मामला अब जांच से आगे बढ़कर विभागीय कार्रवाई की दहलीज तक पहुंच गया है। जांच में प्राचार्य को दोषी पाए जाने के बाद प्रतिवेदन आयुक्त कार्यालय भेज दिया गया है। अब देखना यह है कि सरकारी भवन की सामग्री के उपयोग के इस मामले में विभाग क्या कार्रवाई करता है।
