मुख्य मंत्री जी जमीन अधिग्रहण मामले में आपके आश्वासन को हम नहीं मानते ,,दिलीपसिंह भूरिया

प्रदेश सचिव आम आदमी पार्टी 15 लाख रुपयों की तरह आप जमीन अधिग्रहण होते ही कहोगे यह तो जुमला था ।आलीराजपुर ,,जिले में जब से बोतल से भूमि अधिग्रहण का जिन्न बाहर आया है तब से जिले के लोगों की रातों की नींद और दिन का चेन सब खो चुका है और प्रदेश के मुखिया माननीय मोहन यादव सिर्फ कोरे आश्वासन के झुनझूने से आलीराजपुर जिले के गरीब आदिवासियों को मनाने लगे है ।। आपका कहना है ।की जमीन की सारी प्रक्रिया आलीराजपुर जिले के आदिवासी ग्रामीणों से पूछकर की जाएगी ।तो फिर सरकार ने बिना आदिवासियों की अनुमति के कैसे चुपचाप सर्वे करवा लिया तब किसी भी आदिवासी से क्यों नहीं पूछा तब आपके नेताओं और आपकी सरकार को क्या हो गया था जब सर्वे और टेंडर प्रक्रिया के बाद खदाने आवंटित हो गई अब अपनी गलती छुपाने के लिए आपकी पार्टी के नेता धरना उसके बाद वर्चुवेल मीटिंग के जरिए जोबट आलीराजपुर जिले की जनता को झुनझुना पकड़ा रहे हो और इस पूरी नौटंकी में जिला प्रशासन आपकी सहायता कर रहा है ।। आपकी सरकार जोबट क्षेत्र की सभी खदानों को निरस्त नहीं करती तब तक हम तो आपकी बातों को एक जुमला ही बोलेगे।क्योंकि आपके नेता ही आपकी सरकार के खिलाफ धरना कर रहे थे और वो खुद सरकार के खिलाफ बैठे थे और धरना के जरिए सरकार की नजरों में खुद विरोधी हो गए थे और उस दाग़ को मिटाने के चक्कर में सब सोची समझी साजिश के तहद आपके नेताओं ने धरना समाप्त किया है ना कि जमीन अधिग्रहण का खदान का मामला निरस्त किया है ।। क्योंकि आज से कई सालों पहले भी 15 लाख वाला जुमला आया था और हर एक गरीब उस जुमला बीमारी की चपेट में आ गा था और आज तक उससे पीड़ित है और उसका खामियाजा हर वर्ग को भुगतना पड़ रहा है । और जब तक आपकी सरकार है तब तक भी भुगतना पड़ेगा लेकिन जोबट क्षेत्र में जब तक हमको जैसे भूमि अधिग्रहण के पत्र जिला प्रशासन को मिले है वैसे ही खदानों के निरस्त होने के पत्र नहीं मिलते तब तक जागते रहेंगे क्योंकि आजकल जिनको चौकीदार समझा और जिनको चौकीदार बनाया था वो ही चोर निकलगया है इसलिए जोबट की जनता को किसी दूसरे की चौकीदारी पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए और दिन हो या रात स्वयं को जागकर अपने घर अपने खेत की चौकीदारी खुद करना पड़ेगी नहीं तो यह चौकीदार लोगो की सेना आपके खेत खोदकर खा जायेगे और डकार तक नहीं लेंगे और इनके पेट और जेब भी काफी बड़े हो चुके है और भरने का नाम ही नहीं लेते ।।