बड़ी मालपुर में बाबी जातर कैसे मनाई जाती है।

जिला ब्यूरो अलीराजपुर से महेश गणावा की खबर मो =9179189851/ जय बाबा देव आदिवासी मूल संस्कृति और भील समाज की आस्था जिसे हम कहते हैं बाबी जातर वर्षों से चली आ रही है यह परंपरा जिसमें समस्त ग्राम वासियों मिलकर इस बाबी जातर को मनाते है बाबी जातर क्या है चलिए हम आपको बताते हैं भील समाज की आस्था परंपरा और लोक संस्कृति का जीवन स्वरूप है पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा हमारे जनजाति विरासत प्रकृति के प्रति श्रद्धा और बाबा देव के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाती है जहां मिट्टी के घोड़े पारंपरिक पूजा और सामूहिक सहभागिता हमारी संस्कृति की गहरी जड़ों की कहानी कहते हैं
