खामखेड़ा में गायत्री परिवार द्वारा पितृ पर्वत पर मनाया पौधों का द्वितीय जन्मोत्सव

। रिपोर्टर नवीन रायली द्वारा गायत्री परिवार तहसील संगठन के चेतना केंद्र ग्राम खामखेड़ा में पितृ पर्वत पर दो वर्ष पूर्व लगाए गए पौधों का द्वितीय जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर ग्राम की सैकड़ों महिलाएं और गायत्री परिजन उपस्थित थे। इस अवसर पर सभी ने दो वर्ष की आयु के नन्हें पौधों को राखी बांधकर तरू मिलन का भावविभोर क्रम भी संपन्न किया। तत्पश्चात सभी ने सामूहिक रूप से पौधों के बीच 02 घंटे सामूहिक श्रमदान भी किया। इसके बाद सभी ने तरूओं के बीच बाग रोटी का आनंद भी लिया।

उल्लेखनीय है कि शांतिकुंज हरिद्वार के *वृक्ष* *गंगा अभियान* से प्रेरणा लेकर वर्ष 2024 में गायत्री परिजनों और ग्रामवासियों के सहयोग से ग्राम की एक बंजर पहाड़ी पर 1000 पौधों का रोपण कर उसे पितृ पर्वत के रूप में विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया गया था। गायत्री परिवार के समर्पित कार्यकर्ता भाई बहनों के अथक परिश्रम से आज दो वर्ष पश्चात शत प्रतिशत पौधे हरियाली से आच्छादित होकर पेड़ बनने की कगार पर हैं। कभी विरान रही पहाड़ी आज पितृ पर्वत के रूप में हरी भरी होकर लहलहा उठी है। गायत्री परिवार के सक्रिय कार्यकर्ता सुरेश लेवा ने बताया कि 06 बीघा की इस पहाड़ी पर बड़ी, नीम, पीपल, शीशम, करंज, आंवला, अंजन, कदंब, अमलतास, कचनार, सीताफल आदि प्रजाति के पौधे लगाए गए थे। पौधों की सुरक्षा और सिंचाई के लिए के लिए पहाड़ी के चारों ओर तार फेसिंग कर नदी से पाइप लाइन डालकर कर ड्रीप सिस्टम लगाया गया है।

गायत्री परिवार के वरिष्ठ परिजन अमरसिंह पटेल बताते हैं कि ग्राम खामखेड़ा में इससे पूर्व भी कोरोना काल की त्रासदी से सबक लेकर गांव के गणगौर घाट पर वर्ष 2000 में 750 से अधिक पौधे लगाकर सफल वृक्षारोपण किया गया है। इससे आज यह स्थान गणगौर पर्व सहित गांव के धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र बन चुका है। गायत्री परिवार के इस हरियाली बढ़ाओ अभियान की पूरे गांव में चर्चा है। तरू मिलन कार्यक्रम में गांव की शारदा दोगायां, विनिता बिरले, मंजुला रांडवा, जीवंती रांडवा, सालोकी रांडवा, भगवत रांडवा, कालु मीणा, धर्मेन्द्र रांडवा, गजानंद छापरिया, ओमप्रकाश मीणा, प्रेम लाल चौधरी, दीलिप बिरले आदि कार्यकर्ता भाई बहनों का सहयोग रहा।
