मॉडल स्कूल विवाद में छात्रों का प्रदर्शन: रैली के रूप में एसडीएम कार्यालय पहुंचे विद्यार्थी, शिक्षिका पर लगाए गंभीर आरोपप्राचार्य बोले—समस्त स्टाफ ने बच्चों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन नहीं माने; पुलिस ने संभाली व्यवस्था, एसडीएम ने स्कूल पहुंचकर लिया ज्ञापन

सरदारपुर, धार | कमल सोलंकी /शासकीय मॉडल स्कूल सरदारपुर में शिक्षिका को लेकर चल रहा विवाद शुक्रवार को उस समय सामने आया, जब बड़ी संख्या में विद्यार्थी विद्यालय परिसर से रैली के रूप में निकलकर सरदारपुर नगर पहुंचे और एसडीएम कार्यालय की ओर गए। विद्यार्थियों ने संबंधित शिक्षिका के विरुद्ध शिकायतों की जांच, आवश्यक कार्रवाई तथा स्थानांतरण की मांग को लेकर प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखा।विद्यार्थियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षिका प्रतिभा सिंह कुशवाह पर कथित रूप से भेदभावपूर्ण व्यवहार करने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने तथा विद्यार्थियों के साथ अनुचित व्यवहार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और प्रशासनिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।रैली के रूप में निकले विद्यार्थीशुक्रवार को मॉडल स्कूल परिसर से बड़ी संख्या में विद्यार्थी रैली के रूप में बाहर निकले।

विद्यार्थियों ने सरदारपुर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए प्रशासन तक अपनी शिकायत पहुंचाने का प्रयास किया।रैली के दौरान पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा। पुलिस ने विद्यार्थियों के साथ सहयोग करते हुए व्यवस्था बनाए रखने में भूमिका निभाई। पूरे घटनाक्रम के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण रही।एसडीएम कार्यालय पहुंचे विद्यार्थीविद्यार्थी जब एसडीएम कार्यालय पहुंचे, उस समय एसडीएम अजमेर सिंह गोंड शासकीय कार्य से कार्यालय से बाहर थे। विद्यार्थियों को बताया गया कि उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है और एसडीएम स्वयं विद्यालय पहुंचकर ज्ञापन लेंगे।इसके बाद विद्यार्थी वापस विद्यालय की ओर लौटे। बाद में एसडीएम अजमेर सिंह गोंड विद्यालय पहुंचे और विद्यार्थियों से ज्ञापन प्राप्त किया। उन्होंने मामले की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।प्राचार्य बोले—समस्त स्टाफ ने बच्चों को रोकने का प्रयास कियापूरे घटनाक्रम को लेकर मॉडल स्कूल के प्राचार्य कामेश सतपुड़ा ने कहा कि विद्यार्थियों को विद्यालय से बाहर जाने से रोकने का प्रयास किया गया था।प्राचार्य के अनुसार उन्होंने स्वयं विद्यार्थियों से हाथ जोड़कर आग्रह किया कि वे विद्यालय में ही रहें और अपनी पढ़ाई जारी रखें। उन्होंने बताया कि विद्यालय के समस्त स्टाफ ने भी बच्चों को समझाने और रोकने का प्रयास किया, लेकिन विद्यार्थी अपनी शिकायत प्रशासन तक पहुंचाने के लिए बाहर निकल गए।प्राचार्य ने कहा कि विद्यार्थियों की संख्या काफी अधिक थी और सभी को रोक पाना संभव नहीं था। उन्होंने बच्चों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी शिकायत रखने और पढ़ाई प्रभावित नहीं करने की अपील की थी।प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के रैली के रूप में बाहर जाने में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और उन्होंने तथा स्कूल स्टाफ ने बच्चों को रोकने की पूरी कोशिश की थी।शिक्षिका पर विद्यार्थियों के गंभीर आरोपदूसरी ओर विद्यार्थियों द्वारा दिए गए ज्ञापन में शिक्षिका प्रतिभा सिंह कुशवाह के व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।विद्यार्थियों का आरोप है कि शिक्षिका द्वारा उनके साथ भेदभाव किया जाता है तथा कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया जाता है

। विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि कक्षा में लड़के-लड़कियों से संबंधित संवेदनशील एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती थीं।विद्यार्थियों द्वारा बताए गए कथित बयानों को उन्होंने अनुचित एवं आपत्तिजनक बताते हुए प्रशासन से जांच की मांग की है।इन सभी आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।कविता और साहित्य पढ़ाने को लेकर भी शिकायतविद्यार्थियों की ओर से यह भी कहा गया कि संबंधित शिक्षिका साहित्य एवं कविता से जुड़ी गतिविधियों में रुचि रखती हैं और कभी-कभी अपनी कविताएं विद्यार्थियों को सुनाती थीं।विद्यार्थियों का आरोप है कि कुछ अवसरों पर कक्षा में कही गई बातें उन्हें उचित नहीं लगीं और उन्होंने इसकी शिकायत प्रशासन के सामने रखी।इस संबंध में संबंधित शिक्षिका का पक्ष तथा प्रशासनिक जांच महत्वपूर्ण होगी।पुलिस प्रशासन ने संभाली व्यवस्थाविद्यार्थियों की रैली और एसडीएम कार्यालय तक पहुंचने के दौरान पुलिस प्रशासन की मौजूदगी रही। पुलिस ने विद्यार्थियों के साथ सहयोग करते हुए व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया।बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के एक साथ शहर में निकलने के बावजूद पुलिस की निगरानी में स्थिति शांतिपूर्ण रही और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।एसडीएम ने विद्यालय पहुंचकर लिया ज्ञापनएसडीएम अजमेर सिंह गोंड के शासकीय कार्य से बाहर होने के कारण विद्यार्थी तत्काल कार्यालय में ज्ञापन नहीं दे सके। इसके बाद एसडीएम ने विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों से ज्ञापन लेने का आश्वासन दिया।बाद में एसडीएम विद्यालय पहुंचे और विद्यार्थियों से ज्ञापन प्राप्त किया। उन्होंने शिकायतों की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थितिमॉडल स्कूल का पूरा मामला फिलहाल आरोप-प्रत्यारोप के बीच है। एक ओर विद्यार्थी संबंधित शिक्षिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई और स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं, वहीं प्राचार्य का कहना है कि स्कूल स्टाफ ने विद्यार्थियों को रोकने और समझाने का प्रयास किया था।ऐसे में विद्यार्थियों की शिकायत, संबंधित शिक्षिका का पक्ष, प्राचार्य एवं स्कूल स्टाफ का पक्ष तथा उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। होगा। मामले में सामने आएगा प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।सरदारपुर, धार से कमल सोलंकी की रिपोर्ट।